
डोंगरगढ़, ।
शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय डोंगरगढ़ के भूगोल विभाग द्वारा बी.ए. तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए जिला धमतरी स्थित गंगरेल डैम (रविशंकर सागर परियोजना) का एक दिवसीय शैक्षणिक भौगोलिक भ्रमण आयोजित किया गया। यह भ्रमण महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती ई. वी. रेवती के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
भ्रमण का नेतृत्व भूगोल विभागाध्यक्ष श्री हेमुराम पदमे एवं डॉ. नौशीन अंजुम ने किया। इस अवसर पर समाजशास्त्र विभाग से श्रीमती मीनाक्षी साहू का भी विशेष सहयोग रहा।
भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं की संरचना, जल संसाधन प्रबंधन, सिंचाई व्यवस्था तथा जलविद्युत उत्पादन की प्रक्रियाओं का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। विद्यार्थियों ने गंगरेल डैम की विशाल संरचना एवं उसके गेटों का अवलोकन किया तथा गेट संचालन की तकनीकी प्रणाली और जल नियंत्रण की प्रक्रिया को समझा। साथ ही डैम की जल संग्रहण क्षमता, सिंचाई क्षेत्र, पेयजल आपूर्ति एवं जलविद्युत उत्पादन में इसकी भूमिका के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर डैम की संरचना, जलाशय क्षमता, नहर प्रणाली, पर्यावरणीय प्रभाव एवं क्षेत्रीय विकास से जुड़े अध्ययन कार्य सौंपे गए। विद्यार्थियों ने स्थल पर अवलोकन, फोटोग्राफी एवं आंकड़ा संकलन के माध्यम से परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां एकत्रित कीं। छात्र सत्यदेव खरे, चेतन, युवराज पटेल, साहिल पटेल, चंद्रदेव वर्मा, सीमा साहू, हेमलता, भूमिका प्रिया, अरशला, सिमरन, सुकमा एवं चित्रा सहित अन्य विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
विद्यार्थियों ने डैम परिसर में विकसित उद्यान एवं पार्क क्षेत्र का भी भ्रमण किया। हरे-भरे वातावरण, पर्यटन सुविधाओं एवं जलाशय में उपलब्ध बोटिंग व्यवस्था ने सभी को आकर्षित किया। इस दौरान जलाशय के मध्य स्थित प्रसिद्ध अंगारमोती माता मंदिर एवं बिलाई माता मंदिर के दर्शन कर धार्मिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की गई। साथ ही महानदी तट स्थित रुद्री क्षेत्र सहित अन्य पर्यटन स्थलों का भी अवलोकन कराया गया।
भूगोल विभागाध्यक्ष श्री हेमुराम पदमे ने कहा कि इस प्रकार के क्षेत्रीय अध्ययन विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता एवं शोध दृष्टिकोण को सुदृढ़ करते हैं। प्राचार्य डॉ. श्रीमती ई. वी. रेवती ने विद्यार्थियों के अनुशासित व्यवहार एवं उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी ऐसे शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे।
भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ तथा विद्यार्थियों ने इसे अत्यंत ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक अनुभव बताया।


