हाईकोर्ट ने दुर्ग एसपी, कलेक्टर और निगम आयुक्त से माँगा जवाब

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संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के 5 अक्टूबर के सम्मेलन को रोकने सभागार में तालेबंदी का मामला हाईकोर्ट जा चुका है। अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने दुर्ग जिले के एसपी, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, सीएसपी दुर्ग शहर, एसडीएम दुर्ग शहर और थाना प्रभारी पद्मनाभपुर के खिलाफ हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका लगाई थी। जस्टिस पार्थ प्रीतम साहू की सिंगल बेंच में सुनवाई कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।

उज्जवल दीवान ने कोर्ट को बताया कि संघ का प्रथम महासम्मेलन स्वामी विवेकानन्द सभागार पद्मनाभपुर दुर्ग में रखा गया था। इसके लिए बाकायदा 28700 रुपये नगर निगम दुर्ग में जमा कर बुकिंग की रसीद ली गई थी। लेकिन उक्त कार्यक्रम को द्वेषवश दुर्ग एसपी, कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त, एसडीएम, सीएसपी, व थाना प्रभारी ने षडयंत्र रच कर भवन के मुख्य द्वार पर ताला लगा कर कार्यक्रम होने से रोक दिया था। इससे पुलिस परिवार की महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग भारी बारिश में भीगे व सारा दिन भूख-प्यास व मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होते रहे, उक्त कार्यक्रम को करवाने के लिए लाखों रुपये खर्च हो गए थे और कार्यक्रम नहीं होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।

न्यायालय ने उत्तरदाताओं से सख्त लहजे में पूछा कि शांतिपूर्ण तरीके से होने वाले पारिवारिक सम्मेलन के कार्यक्रम को क्यों रोका गया तब वे कोई ठोस जवाब नहीं दे सके। और जवाब प्रस्तुत करने के लिए न्यायालय से समय माँगा। तब न्यायालय ने उन्हें जवाब प्रस्तुत करने के लिए 1 सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी।

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