जशपुर जिले में हत्या के एक सनसनीखेज मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। सिटी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पुरनानगर, तुरीटोंगरी में जिस व्यक्ति को मृत मानकर हत्या का मामला दर्ज किया गया था, वही सीमित खाखा जीवित पाया गया है। मृतक की पहचान स्वयं उसकी मां, पत्नी और भाई ने मजिस्ट्रेट के सामने की थी। अब पुलिस वास्तविक मृतक की तलाश में विशेष टीम बनाकर जांच कर रही है।

जशपुर 21 दिसंबर 2025। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस जांच प्रक्रिया और पहचान की कार्यवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सिटी कोतवाली जशपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरनानगर स्थित तुरीटोंगरी में हुई हत्या के जिस प्रकरण में एक व्यक्ति को मृत मानकर केस दर्ज किया गया था, वह तथाकथित मृतक सीमित खाखा अब जिंदा पाया गया है।
यह मामला और भी चौंकाने वाला इसलिए है, क्योंकि हत्या के बाद कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष शव पहचान की पूरी प्रक्रिया की गई थी। इस दौरान मृतक की पहचान सीमित खाखा की मां, पत्नी और भाई ने ही की थी। परिजनों ने मजिस्ट्रेट के सामने शपथपूर्वक शव को सीमित खाखा के रूप में पहचाना था, जिसके आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई की।
दर्ज था हत्या का मामला, गिरफ्तार हो चुके थे चार आरोपी
इस प्रकरण में सिटी कोतवाली जशपुर थाने में धारा 103(1), 238(क) एवं 61(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया था। सीमित खाखा को मृतक मानते हुए हत्या का केस दर्ज किया गया और जांच के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल मजिस्ट्रेट के समक्ष पहचान कराई थी, बल्कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट से सीन ऑफ क्राइम की जांच भी करवाई गई थी। इसके अलावा गवाहों के बयान भी दर्ज किए गए थे, जिनमें मृतक की पहचान की पुष्टि की गई थी।
मजदूरी करता मिला झारखंड में जीवित
मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब पुलिस को सूचना मिली कि सीमित खाखा झारखंड के हजारीबाग क्षेत्र में जिंदा है और वहां मजदूरी का काम कर रहा है। जब पुलिस ने इस सूचना की तस्दीक की, तो पाया गया कि जिस व्यक्ति को मृत मानकर हत्या का मामला दर्ज किया गया था, वह पूरी तरह सुरक्षित और जीवित है।इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जिस शव की पहचान सीमित खाखा के रूप में की गई थी, वह आखिर किसका था और पहचान में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई।
वास्तविक मृतक की तलाश में विशेष टीम गठित
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अब इस मामले की जांच को नई दिशा दी गई है। राजपत्रित अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो वास्तविक मृतक की पहचान और पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि—
- शव की पहचान में गलती जानबूझकर की गई या यह भ्रम और परिस्थितिजन्य चूक थी।
- मृतक की पहचान करने वाले परिजनों और गवाहों की भूमिका क्या थी।
- क्या इस पूरे प्रकरण में किसी तरह की साजिश या दबाव था।
पुलिस की साख पर सवाल, जांच जारी
यह मामला पुलिस जांच प्रणाली के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर जहां हत्या के आरोप में चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, वहीं अब यह स्पष्ट हो चुका है कि जिस व्यक्ति को मृत बताया गया था, वह जीवित है। ऐसे में अब पूरे केस की पुनः समीक्षा की जा रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है और वास्तविक मृतक की पहचान के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।



