
गरियाबंद। प्रधानमंत्री श्री (पीएमश्री) योजना के अंतर्गत संचालित एक सरकारी स्कूल का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में स्कूल परिसर के भीतर शिक्षिकाओं द्वारा फिल्मी गाने पर रील बनाते और निजी अंदाज में वीडियो शूट करते हुए देखा जा सकता है। इस घटना ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक अनुशासन और स्कूल की गरिमा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो गणतंत्र दिवस के अवसर का बताया जा रहा है। वीडियो में बैकग्राउंड में फिल्मी गीत “दामाद जी अंगना में पधारे” बज रहा है, जिस पर शिक्षिकाएं रील बनाती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पर अभिभावकों और आम नागरिकों ने सवाल उठाया है कि क्या राष्ट्रीय पर्व जैसे गंभीर मौके पर स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधियां उचित हैं।
मामले को और संवेदनशील बनाता है वह दावा, जिसमें कहा जा रहा है कि एक शिक्षिका ने लव मैरिज के बाद अपने पति को स्कूल परिसर में आमंत्रित कर स्टाफ के बीच निजी आयोजन कराया। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो इसे सरकारी सेवा नियमों और संस्थागत मर्यादा का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
इसी क्रम में वसंत पंचमी के अवसर का एक और वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सरस्वती पूजा के बाद स्कूल परिसर में फैशन परेड जैसा आयोजन किया गया, जिसमें शिक्षक-शिक्षिकाएं रैंप वॉक की तर्ज पर चलते और पोज देते नजर आए। इन दृश्यों ने शिक्षा जगत को चौंका दिया है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि शिक्षकों से संयम, सादगी और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे आचरण से छात्रों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है और शिक्षा तंत्र की साख को नुकसान पहुंचता है।
सूत्रों के मुताबिक, यह पूरा मामला जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के संज्ञान में आ चुका है, लेकिन अब तक किसी तरह की ठोस जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब वीडियो सार्वजनिक हो चुका है और सबूत मौजूद हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है।
अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और शिक्षक की गरिमा व स्कूल की मर्यादा को बनाए रखने के लिए क्या कार्रवाई करता है।

