सुप्रीम कोर्ट ने सुनी अमित जोगी की याचिका : अगली सुनवाई 20 अप्रैल को, उम्रकैद के खिलाफ अपील को भी इसी दिन सुनेगा SC

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🟥 सुप्रीम कोर्ट में अमित जोगी की याचिका पर सुनवाई, 20 अप्रैल तय अगली तारीख

नई दिल्ली/रायपुर, 6 अप्रैल 2026।
Supreme Court of India ने जग्गी हत्याकांड में दोषी ठहराए गए Amit Jogi की याचिका पर सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल 2026 तय की है। इसी दिन उनकी उम्रकैद की सजा के खिलाफ दायर अपील पर भी सुनवाई होगी।


⚖️ हाईकोर्ट पर सुनवाई का मौका न देने का आरोप

अमित जोगी ने अपनी याचिका में कहा है कि Chhattisgarh High Court ने फैसला सुनाने से पहले उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया। इस आधार पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

उनके वकील के मुताबिक, मामले में 10,000 से ज्यादा पन्नों के दस्तावेज हैं, लेकिन बिना पूरी सुनवाई के ही उन्हें दोषी ठहरा दिया गया।


23 अप्रैल तक सरेंडर की समयसीमा

हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल को दिए फैसले में अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।

  • अंतिम तारीख: 23 अप्रैल 2026
  • अगर सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलती, तो सरेंडर करना अनिवार्य होगा

🔎 उम्रकैद के खिलाफ अपील भी 20 अप्रैल को

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि:

  • हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका
  • और उम्रकैद की सजा के खिलाफ अपील

👉 दोनों मामलों पर एक साथ 20 अप्रैल को सुनवाई की जाएगी।


🧾 23 साल पुराने जग्गी हत्याकांड में उम्रकैद

Ajit Jogi के बेटे अमित जोगी को हाईकोर्ट ने राम अवतार जग्गी हत्याकांड में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।

  • घटना: 4 जून 2003
  • आरोप: हत्या की साजिश में शामिल होना
  • सजा: आजीवन कारावास + ₹1000 जुर्माना
  • जुर्माना न देने पर: 6 माह अतिरिक्त कारावास

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध साक्ष्य अमित जोगी की संलिप्तता साबित करते हैं और उन्हें सह-आरोपियों की तरह सजा मिलनी चाहिए।


🔁 निचली अदालत का फैसला पलटा

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया। कोर्ट के अनुसार:
👉 “जब सभी आरोपी एक ही अपराध में शामिल हों, तो बिना ठोस कारण किसी एक को बरी नहीं किया जा सकता।”


🏛️ राजनीतिक हलचल तेज

इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। लंबे समय से चर्चित यह मामला अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है और सभी की नजरें अब 20 अप्रैल की सुनवाई पर टिकी हैं।


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