
दुर्ग-भिलाई। नेहरू नगर सेक्टर-9 में अवैध निर्माण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम पर कब्जाधारियों ने सोमवार को हमला कर दिया। जोन-1 की इस कार्रवाई के दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और चार से पांच लोगों ने जोन आयुक्त अजय सिंह राजपूत को घेर लिया। आरोप लगाने वालों का कहना है कि कार्रवाई रोकने के बदले आयुक्त ने 5 हजार रुपए की मांग की थी, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ है।
निगम प्रशासन ने घूस के आरोप को पूरी तरह निराधार बताते हुए सुपेला थाने में सरकारी काम में बाधा, गाली-गलौज और निगम की गाड़ी में तोड़फोड़ की शिकायत दर्ज कराई है।
कई नोटिस के बाद भी चलता रहा निर्माण
जोन-1 कार्यालय के अनुसार, हाउस नंबर 49/12 में पुष्पा तिवारी द्वारा बिना भवन अनुज्ञा निर्माण किए जाने की लगातार शिकायत मिल रही थी। पिछले छह महीनों में सात नोटिस जारी किए गए—एक भवन अनुज्ञा शाखा से और छह जोन कार्यालय की ओर से। चेतावनी के बावजूद निर्माण जारी रहने पर 24 नवंबर को तोड़ दस्ता कार्रवाई के लिए भेजा गया।
कब्जाधारियों का आरोप – बिना सूचना तोड़फोड़, 5 हजार घूस ली
मकान मालिक तुषार तिवारी और किराएदार अभिषेक मिश्रा का कहना है कि टीम अचानक पुलिस बल के साथ पहुंच गई। उन्होंने आयुक्त से 15 दिन का समय मांगा, लेकिन कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी गई। उनका आरोप है कि भवन अनुज्ञा प्रक्रिया चल रही थी और इसी दौरान निगम के एक कर्मी ने उनसे 5 हजार रुपए मांगे थे, यह कहते हुए कि ‘राजपूत जी ने मंगवाए हैं’।
किराएदारों का दावा है कि उनके पास पूरा वीडियो है, जिसमें हाथापाई या गाड़ी तोड़ने जैसी कोई घटना नहीं है।
निगम का पक्ष – “पैसे मांगने की बात बेबुनियाद, नियम अनुसार कार्रवाई”
जोन आयुक्त अजय राजपूत ने कहा कि सभी आरोप झूठे हैं। संबंधित पक्ष को तीन-चार बार नोटिस दिया गया था, बावजूद इसके निर्माण जारी था। कार्रवाई के दौरान भी मौके पर कार्य चलते पाया गया, इसलिए नियमों के मुताबिक अवैध निर्माण हटाया गया। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उनकी सरकारी गाड़ी में तोड़फोड़ की और गाली-गलौज किया, जिसके लिए थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है।
अन्य अवैध कब्जों पर सवाल
कब्जाधारियों ने यह भी आरोप लगाया कि आसपास कई जगहों पर सड़क और नाली के ऊपर निर्माण, कैफे और दुकानें बनी हुई हैं, लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं की जा रही। आयुक्त का कहना है कि सभी को नोटिस जारी किया जा चुका है और तय समय पूरा होने पर क्रमवार कार्रवाई होगी।
नगर निगम और कब्जाधारियों की अलग-अलग दलीलों के बीच मामला अब पुलिस जांच तक पहुंच चुका है। वीडियो और शिकायतों के आधार पर सुपेला पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।


