
रिसाली। शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई.क्यू.ए.सी.) के तत्वावधान में दिनांक 5, 6 एवं 7 फरवरी को त्रिदिवसीय योग शिविर का सफल आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं अध्यापकों में शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा योग को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
योग शिविर में योग प्रशिक्षक श्रीमती उमा कोसरे ने तीनों दिनों में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया। प्रथम दिवस पर उन्होंने ओम का उच्चारण, बॉक्सिंग अल्टरनेट हैंड, तितली आसन, सहज योग मुद्रा एवं ऋषभासन का अभ्यास कराया। द्वितीय दिवस में भस्त्रिका, कपालभाति, उज्जायी, भ्रामरी तथा अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। तृतीय एवं अंतिम दिवस पर त्रिकोणासन, अर्धचंद्रासन, मर्कटासन, धनुरासन एवं भुजंगासन का अभ्यास कराया गया।
श्रीमती कोसरे ने योग की दैनिक जीवन में उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य सुदृढ़ होता है, बल्कि मानसिक तनाव से मुक्ति भी मिलती है। उन्होंने सभी को स्वस्थ एवं संतुलित जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा अस्थाना ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस त्रिदिवसीय योग शिविर से सभी प्रतिभागियों को अत्यंत लाभ प्राप्त हुआ है और भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहने चाहिए। डॉ. नगरत्ना गनवीर ने कहा कि योग को हमारी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए, क्योंकि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है और मन शांत एवं स्थिर रहेगा तो प्रत्येक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न होगा।
इस योग शिविर में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मरोदा टैंक की प्राचार्य, व्याख्याता एवं विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। कार्यक्रम के अंत में प्रो. निवेदिता मुखर्जी ने योग प्रशिक्षक श्रीमती उमा कोसरे का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।

