पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम के बाद अंबिकापुर शहर में सड़क पर स्टंट और हुड़दंग मचाने वाले युवकों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। वीडियो वायरल होने के बाद आठ लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं और चालकों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

अंबिकापुर 24 जनवरी 2026।शहर में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले युवकों के खिलाफ अंबिकापुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम के बाद शहर की सड़कों पर स्टंटबाजी और हुड़दंग करने वाले युवकों पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आठ लग्जरी चारपहिया वाहन जब्त किए हैं। इन वाहनों में तीन इनोवा, चार स्कॉर्पियो और एक अर्टिगा शामिल है। पुलिस ने इस मामले में न सिर्फ वाहन जब्त किए हैं, बल्कि संबंधित वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
यह मामला 23 जनवरी की शाम का है, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने अंबिकापुर पहुंचे थे। उनके स्वागत के लिए शहर में वाहनों का एक बड़ा काफिला निकाला गया था, जो गांधी चौक पहुंचा। जानकारी के अनुसार, शहर के अलग-अलग इलाकों से करीब 15 से अधिक चारपहिया वाहनों में सवार युवक स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद युवकों ने शहर की सड़कों को स्टंट का मैदान बना दिया। गांधी चौक से आकाशवाणी चौक, चोपड़ापारा, चौपाटी और नगर निगम कार्यालय क्षेत्र तक युवक तेज रफ्तार वाहनों में शीशे खोलकर खिड़कियों से लटकते नजर आए। इस दौरान शोर-शराबा किया गया और कई युवकों ने मोबाइल फोन से वीडियो और रील बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर दिए। यह स्टंट न केवल ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन था, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरा बन गया।
स्थानीय लोगों ने इस लापरवाही और खतरनाक हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया और मौखिक रूप से पुलिस को भी इसकी सूचना दी। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की और वायरल वीडियो से मिलान कर वाहनों के नंबरों की पहचान की। जांच के बाद आठ वाहनों को जब्त कर लिया गया, जबकि कुछ अन्य वाहनों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस ने इस मामले में संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125, 281, 285, 3(5) और मोटरयान अधिनियम की धारा 184 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। इन धाराओं के तहत सड़क पर खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने और नियमों के उल्लंघन को गंभीर अपराध माना गया है।
इस पूरे मामले पर पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) राजेश अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क पर स्टंट और हुड़दंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीआईजी ने यह भी बताया कि हाल ही में पुलिस ने स्कूल संचालकों और प्राचार्यों के साथ बैठक कर फेयरवेल पार्टी या अन्य आयोजनों के नाम पर इस तरह की गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

