
कुम्हारी में फरवरी 2024 की घटना—बच्चे को पीटकर मार डाला, गुपचुप किया अंतिम संस्कार
दुर्ग–भिलाई। कुम्हारी थाना क्षेत्र में 4 वर्षीय बच्चे की हत्या करने वाले सौतेले पिता और मां को अदालत ने बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी फरवरी 2024 में बच्चे की मौत के बाद बिना किसी को बताए उसका अंतिम संस्कार कर आए थे।
क्या था मामला
शंकर नगर, कुम्हारी में रहने वाले मनप्रीत सिंह और उसकी पत्नी गायत्री साहू किराए के मकान में रहते थे। गायत्री के पूर्व पति से हुए बेटे जगदीप सिंह (4) को भी वे साथ रखते थे। पुलिस जांच में सामने आया कि मनप्रीत लंबे समय से बच्चे के साथ क्रूरता कर रहा था और अक्सर उसकी पिटाई करता था।
घटना ऐसे हुई उजागर
31 जनवरी 2024 की शाम मोहल्ले के लोगों ने मनप्रीत को बच्चे को बेरहमी से पीटते हुए देखा था। अगले ही दिन बच्चे की मौत की सूचना मिली। दंपत्ति ने रात में ही चुपचाप अंतिम संस्कार कर दिया, जिससे पड़ोसियों को शक हुआ। पड़ोसी हरिनाथ यादव ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और पूरा मामला सामने आया।
पोस्टमॉर्टम में गंभीर हिंसा की पुष्टि
चिकित्सकीय रिपोर्ट में पाया गया कि बच्चे के पेट, शरीर और गुप्तांगों पर गंभीर चोटें थीं। जमीन पर पटकने और लगातार मारपीट के कारण उसकी मौत हुई थी।
पुलिस कार्रवाई
कुम्हारी पुलिस ने अपराध क्रमांक 32/2024 दर्ज कर मनप्रीत सिंह और गायत्री साहू को 2 फरवरी 2024 को गिरफ्तार कर लिया था। जांच प्रभारी निरीक्षक संजीव मिश्रा ने गवाहों, साक्ष्यों और घटनास्थल की जानकारी के आधार पर आरोप-पत्र अदालत में प्रस्तुत किया।
अदालत की कड़ी टिप्पणी
सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने कहा कि 4 वर्षीय मासूम पूरी तरह असहाय था और आरोपियों ने उसके साथ अत्यंत अमानवीय व्यवहार किया। न्यायालय ने टिप्पणी की—“बच्चों पर अत्याचार करने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति नरमी उचित नहीं। ऐसे अपराध समाज की चेतना को झकझोरते हैं।”
सजा
अदालत ने दोनों आरोपियों को धारा 302/34 के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी 2 फरवरी 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में हैं और उनकी जेल अवधि का समायोजन कर उन्हें आगे की सजा काटने के लिए केंद्रीय जेल दुर्ग भेजने کے आदेश दिए गए हैं।



