विपक्ष को केवल आलोचक नहीं, बल्कि समालोचक होना चाहिए – सांसद विजय बघेल
दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में आयोजित सत्रहवीं युवा संसद प्रतियोगिता में मुख्य अतिथि सांसद विजय बघेल ने कहा कि विपक्ष को केवल आलोचक नहीं, बल्कि समालोचक होना चाहिए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संसदीय साक्षरता प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है और खासतौर पर युवाओं को संसदीय कार्यप्रणाली का गहन ज्ञान होना चाहिए ताकि वे स्वस्थ राजनीति की ओर प्रेरित हो सकें।

कार्यक्रम का आयोजन राजनीतिशास्त्र विभाग द्वारा भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार किया गया। रवींद्र नाथ टैगोर सभागार में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों की उपस्थिति रही। सांसद विजय बघेल ने युवा संसद प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि देश की संसदीय प्रणाली में प्रत्येक प्रक्रिया का अपना निर्धारित नियम होता है, जिसे प्रधानमंत्री से लेकर सांसदों तक सभी को पालन करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से देशभर में यह प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है।

युवा सांसदों ने किया संसदीय कार्यप्रणाली का अभ्यास
प्रतियोगिता में कुल 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागी युवा सांसदों को लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में शपथ दिलाई गई। इसके पश्चात प्रश्नकाल का आयोजन हुआ, जिसमें पक्ष और विपक्ष के प्रतिभागियों ने मंत्रीगणों से प्रश्न पूछे और जवाब प्राप्त किए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि युवा संसद प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रश्न पूछने, उत्तर देने, प्रश्नकाल, शून्यकाल, स्थगन प्रस्ताव और आसंदी की ओर संबोधन जैसी संसदीय प्रक्रियाओं की ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त होती है।
प्रतियोगिता के विजेता दिल्ली में लेंगे भाग
राजनीतिशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. शकील हुसैन ने बताया कि इस वर्ष संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा पूरे देश में 52 शैक्षणिक संस्थानों को प्रतियोगिता आयोजन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसमें साइंस कॉलेज, दुर्ग आठवें समूह में शामिल है। प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता में भाग लेंगे, जबकि छह उत्कृष्ट प्रतिभागियों के नाम भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय को भेजे जाएंगे, जहां से उन्हें उत्कृष्टता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति का योगदान
प्रतियोगिता के निर्णायक के रूप में सांसद विजय बघेल, संसदीय कार्य मंत्रालय द्वारा नियुक्त समन्वयक प्रो. राजेंद्र मेहता और विषय विशेषज्ञ डॉ. वेबी नंदा मेश्राम शामिल थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. एस. एन. झा, डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. जी. एस. ठाकुर, डॉ. जनेन्द्र दीवान, डॉ. तरूण साहू, डॉ. राजेश्वरी जोशी, डॉ. राखी भारती, डॉ. शाहवाज अली, डॉ. अतिम सिंह, डॉ. रश्मि गौर, श्री लक्ष्मेन्द्र कुलदीप, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. एस. डी. देशमुख, डॉ. अजय पिल्लई, डॉ. सनत साहू और डॉ. प्रशांत दुबे का उल्लेखनीय योगदान रहा।

