
रिसाली। भारत के महान वैज्ञानिक सी. वी. रमन की स्मृति में प्रतिवर्ष 28 फरवरी को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर शासकीय नवीन महाविद्यालय, रिसाली में दिनांक 26 से 28 फरवरी 2026 तक त्रिदिवसीय विज्ञान समारोह का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्था प्रमुख डॉ. अनुपमा अस्थाना के मार्गदर्शन में तथा छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) एवं विज्ञान विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। वर्ष 2026 की थीम “विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को गति देने वाली शक्ति” के अनुरूप विविध शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों का आयोजन किया गया।
प्रथम दिवस (26 फरवरी 2026)
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में अंतर्महाविद्यालयीन वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई। पक्ष में प्रथम स्थान मनदीप कौर बेदी (सेंट थॉमस कॉलेज) तथा विपक्ष में प्रथम स्थान हिमानी चक्रधारी (रिसाली कॉलेज) ने प्राप्त किया। निर्णायक मंडल में डॉ. आर. एस. सिंह (जामुल कॉलेज, प्राचार्य), डॉ. विकास पंचाक्षरी (मॉडल कॉलेज, दुर्ग) एवं डॉ. दिव्य मिंज (वी.वाई.टी. कॉलेज, दुर्ग) उपस्थित रहे।
द्वितीय सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में के. वी. रामानुजाचार्य, प्राध्यापक केमिस्ट्री एवं बायोकेमिस्ट्री, रोवन यूनिवर्सिटी (न्यू जर्सी, यू.एस.ए.) ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने अपने व्याख्यान में मानव शरीर को रासायनिक क्रियाओं पर आधारित अद्भुत तंत्र बताते हुए संतुलित रासायनिक संरचना के महत्व को स्पष्ट किया। पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन प्रतियोगिता में प्रेमलता (बी.एससी. तृतीय वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
द्वितीय दिवस (27 फरवरी 2026)
द्वितीय दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. कल्लोल के. घोष (प्रख्यात प्राध्यापक, रायपुर) उपस्थित रहे। विशिष्ट वक्ताओं में प्रो. डॉ. ए. के. श्रीवास्तव (उतई महाविद्यालय) एवं डॉ. भावना रितेश जैन (डायरेक्टर, सिद्धाचलम लैब, रायपुर) शामिल रहीं।
इस अवसर पर पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं साइंस एग्जीबिशन का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने जैव-प्रौद्योगिकी, पर्यावरण संरक्षण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं भारतीय वैज्ञानिक परंपरा से जुड़े विषयों पर मॉडल एवं शोध-पोस्टर प्रस्तुत किए। पोस्टर प्रेजेंटेशन एवं विज्ञान प्रदर्शनी दोनों में उपासना (बी.एससी. चतुर्थ सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
व्याख्यान माला के अंतर्गत डॉ. कल्लोल के. घोष ने सी. वी. रमन के जीवन, जिज्ञासा एवं स्वदेशी उपकरणों से किए गए शोध कार्यों पर प्रकाश डाला। डॉ. ए. के. श्रीवास्तव ने डीएनए की संरचना एवं विज्ञान में महिलाओं के योगदान पर विचार रखे। डॉ. भावना रितेश जैन ने “भारतीय ज्ञान परंपरा और विज्ञान में स्त्री का योगदान” विषय पर व्याख्यान देते हुए कल्पना चावला, टेसी थॉमस तथा आनंदीबाई जोशी जैसी वैज्ञानिक महिलाओं के योगदान का उल्लेख किया।
तृतीय दिवस (28 फरवरी 2026)
अंतिम दिवस पर फैकल्टी प्रेजेंटेशन के अंतर्गत डॉ. ममता एवं श्री रोशन सिंह ने समकालीन वैज्ञानिक विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. ममता द्वारा एवं आभार प्रदर्शन श्री शंभू प्रसाद निर्मलकर द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक चेतना, नवाचार एवं शोध के प्रति उत्साह को नई दिशा प्रदान की।

