छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षाओं की कॉपियों के मूल्यांकन के दौरान छात्रों द्वारा उत्तर की जगह भावनात्मक और अजीबो-गरीब अपीलें लिखने के मामले सामने आए हैं। किसी ने हनुमान चालीसा लिखी तो किसी ने शादी का हवाला देकर पास करने की गुहार लगाई।

रायपुर 11 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के दौरान इस बार एक बार फिर छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में अजीबो-गरीब और भावनात्मक अपीलें देखने को मिली हैं। जहां कॉपियों में सवालों के जवाब होने चाहिए थे, वहां कई छात्रों ने अपने निजी हालात, धार्मिक आस्था और भावनात्मक अनुरोधों के जरिए परीक्षकों से पास करने की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, इस वर्ष हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी की कुल 2,66,173 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो चुका है और अब छात्रों को परिणाम का इंतजार है। हालांकि, मूल्यांकन के दौरान कुछ कॉपियों में लिखी गई बातें शिक्षकों के लिए भी हैरानी का कारण बन गईं।
एक छात्र ने तो अपनी उत्तर पुस्तिका में पूरा हनुमान चालीसा लिख डाला। साथ ही उसने परीक्षक से अपील करते हुए लिखा कि यदि आप हनुमानजी के भक्त हैं, तो मुझे पास कर दीजिए। वहीं, एक छात्रा ने अपनी कॉपी में लिखा कि वह एक गरीब परिवार से है और उसकी शादी तय हो चुकी है। अगर वह फेल हो गई तो उसकी शादी टूट सकती है, इसलिए उसे कम से कम 33 अंक देकर पास कर दिया जाए।
एक अन्य छात्रा ने भी इसी तरह की अपील करते हुए लिखा कि “सर, मेरी शादी होने वाली है, अगर मैं फेल हो गई तो मेरी शादी नहीं होगी, कृपया पास कर दीजिए।” इन अपीलों में छात्रों की चिंता, दबाव और भविष्य को लेकर भय साफ नजर आता है।
कुछ छात्रों ने अपनी पढ़ाई की स्थिति को लेकर भी भावनात्मक बातें लिखीं। एक छात्र ने लिखा कि वह नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी में व्यस्त था, इसलिए बोर्ड परीक्षा के लिए पर्याप्त समय नहीं दे सका। उसने परीक्षक से अनुरोध किया कि उसकी स्थिति को समझते हुए उसे पास कर दिया जाए। वहीं, कुछ छात्रों ने परिवार की आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए भी पास करने की अपील की।


