
रायपुर | राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली (Police Commissionerate System) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के दिशा-निर्देशों के तहत रविवार को नॉर्थ जोन क्षेत्र के कुख्यात गुंडा-बदमाशों और हिस्ट्रीशीटरों की विशेष परेड ली गई। पुलिस अधिकारियों ने अपराधियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि शहर में अब अपराध के लिए कोई जगह नहीं है।
कमिश्नरेट लागू होते ही बढ़ी सख्ती
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित तुकाराम कांबले और डीसीपी (नॉर्थ) मयंक गुर्जर के नेतृत्व में सहायक आयुक्त कार्यालय में यह परेड आयोजित की गई।नॉर्थ जोन के अंतर्गत आने वाले उरला, खमतराई और गुढियारी क्षेत्र के चिन्हित निगरानी बदमाशों को तलब किया गया। अधिकारियों ने एक-एक कर सभी बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला और उनकी वर्तमान गतिविधियों की जानकारी ली।

परेड के दौरान बदमाशों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई कि यदि वे किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि, सामाजिक शांति भंग करने या कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले कृत्य में संलिप्त पाए जाते हैं, तो उनके विरुद्ध कमिश्नरेट प्रणाली की कठोरतम धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी बदमाशों को भविष्य में पूरी तरह सतर्क रहने और शांति बनाए रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने साफ किया कि शहर के हर अपराधी पर अब पुलिस की ‘तीसरी आंख’ और विशेष विंग की पैनी नजर है।
इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त सहायक आयुक्त आकाश मरकाम, सहायक पुलिस आयुक्त श्रीमती पूर्णिमा लामा सहित थाना प्रभारी उरला, खमतराई एवं गुढियारी अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए इस प्रकार की परेड और सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

