
बिलासपुर, 25 अगस्त 2025। बिलासपुर के सीएमडी कॉलेज के सह-प्राचार्य की पत्नी ऑनलाइन ठगी का शिकार बन गईं। उन्हें शेयर बाजार में अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने करीब 59 लाख 87 हजार 994 रुपये की ठगी कर ली।
ठगी का तरीका
गिरोह ने महिला को शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। उन्होंने फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप तैयार कर उसे भरोसा दिलाया। लगातार रकम जमा कराने के बाद जब मुनाफा निकालने की बात आई तो ठगी का पता चला।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही रेंज साइबर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें – ललित कुमार, अर्पित साल्वे, बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान और रोहित निषाद शामिल हैं। सभी आरोपी मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र से पकड़े गए।
मुख्य सरगना का खुलासा
गिरोह का मास्टरमाइंड ललित कुमार है, जिसने दिल्ली के एनआईआईटी से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की पढ़ाई की है। वह पहले ऑनलाइन शॉपिंग साइट पर कार्य कर चुका है। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर “गणेशम सिक्योरिटी” नाम से फर्जी कंपनी बनाई और उसी के नाम पर ठगी का जाल फैलाया। बैंक खातों को किराए पर लेकर रकम जमा करवाई गई और बाद में एटीएम से निकासी की जाती रही।
शिकायत और जांच
पीड़िता अल्पना ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कॉल डिटेल्स, बैंक खातों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरोह का पता लगाया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
मुख्य बिंदु
पीड़िता : सीएमडी कॉलेज बिलासपुर के सह-प्राचार्य की पत्नी
ठगी की रकम : ₹59,87,994
तरीका : फर्जी वेबसाइट/एप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश का झांसा
गिरोह के सदस्य : ललित कुमार (मुख्य सरगना), अर्पित साल्वे, बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान, रोहित निषाद
कार्रवाई : साइबर पुलिस ने यूपी और एमपी में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा
वर्तमान स्थिति : आरोपी न्यायिक हिरासत में, जांच जारी
👉 यह मामला बताता है कि किस तरह शिक्षित और समझदार परिवार भी ऑनलाइन निवेश के झांसे में आकर भारी नुकसान उठा सकते हैं।