PM मोदी ने तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल से की बातचीत: कहा- किसी भी जरूरत पर बताइए, शुक्ल बोले- बस घर जाकर लिखना चाहता हूं

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छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश की दो प्रतिष्ठित हस्तियों – पंडवानी की विश्व प्रसिद्ध लोक गायिका तीजन बाई और ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल से फोन पर बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

प्रधानमंत्री ने दोनों से संवेदनशीलता के साथ बात करते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और कहा कि किसी भी जरूरत पर वे सीधे संपर्क कर सकते हैं।

विनोद कुमार शुक्ल बोले – “बस घर जाना चाहता हूं, लिखना चाहता हूं”
प्रधानमंत्री मोदी ने जब रायपुर के निजी अस्पताल में भर्ती विनोद कुमार शुक्ल से बात की, तो उन्होंने कहा कि वे पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने पूछा कि “आप क्या चाहते हैं?” इस पर शुक्ल ने भावुक होकर कहा, “मैं बस घर जाना चाहता हूं और लिखना चाहता हूं, क्योंकि लिखना मेरे लिए सांस की तरह है।”
प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि इलाज या किसी भी आवश्यकता के लिए हर संभव मदद की जाएगी।

तीजन बाई के स्वास्थ्य की भी ली जानकारी
प्रधानमंत्री ने पंडवानी लोक गायिका तीजन बाई की बहू वेणू देशमुख को फोन कर उनका हालचाल पूछा। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा, “तीजन बाई जी देश की धरोहर हैं, उन्होंने भारतीय लोककला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाई है। उनका ध्यान रखिए और अगर किसी भी चीज की जरूरत हो तो सीधे मुझसे संपर्क कीजिए।”
वेणू देशमुख ने बताया कि प्रधानमंत्री से लगभग 1 मिनट 18 सेकंड तक बातचीत हुई और मोदी जी ने अत्यंत स्नेहपूर्ण शब्दों में चिंता व्यक्त की।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
प्रधानमंत्री की इस पहल से छत्तीसगढ़ का कला और साहित्य जगत भावुक हो उठा है।
प्रदेश के कलाकारों ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा तीजन बाई और विनोद कुमार शुक्ल जैसे रचनात्मक दिग्गजों के प्रति संवेदनशीलता दिखाना पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।

पृष्ठभूमि

विनोद कुमार शुक्ल, रायपुर निवासी हिंदी साहित्य के शीर्ष कथाकार हैं। उन्हें हाल ही में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया गया, यह सम्मान पाने वाले वे छत्तीसगढ़ के पहले साहित्यकार हैं।

तीजन बाई, भिलाई की रहने वाली पंडवानी गायिका हैं जिन्हें पद्मश्री और पद्मविभूषण जैसे सम्मान मिल चुके हैं। वे पिछले डेढ़ साल से बीमार हैं और उपचाररत हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की इस मानवीय पहल ने छत्तीसगढ़ की मिट्टी की खुशबू को और गहरा कर दिया है।

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