17 दिन में 5वीं बार पकड़ी गई अफीम की खेती, रायगढ़ में 2 आरोपी गिरफ्तार; पूर्व CM ने मज़ाकिया अंदाज में कहा— अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच लैलूंगा में

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रायगढ़| रायगढ़ जिला में अवैध अफीम खेती के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा कार्रवाई में लैलूंगा थाना क्षेत्र में फिर अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। पिछले 17 दिनों में यह पांचवां मामला सामने आने से प्रशासन की सतर्कता और जमीनी निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट में लिखा- सुशासन  के अफीम स्टार्टअप की नई ब्रांच अब लैलूंगा में पाई गई है।

यह मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है, जहां करीब 50 डिसमिल जमीन पर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार कर लिया, जबकि साधराम नाग मौके से फरार हो गया है। लगातार सामने आ रहे मामलों से यह साफ है कि प्रदेश में अवैध अफीम खेती का दायरा बढ़ रहा है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी पत्थलगांव के एक व्यापारी से बीज लाकर अफीम की खेती कर रहे थे। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि इस अवैध खेती के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। फिलहाल पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।

इससे पहले 21 मार्च को तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती पकड़ी गई थी। वहां झारखंड निवासी मार्शल सांगा पिछले 10-12 साल से खेती कर रहा था। बताया गया कि उसने खेत किराए पर लेकर पहले सामान्य फसल के नाम पर खेती शुरू की और बाद में अफीम उगाने लगा।

17 दिन में कहां-कहां पकड़ी गई अफीम खेती

7 मार्च – दुर्ग

10 मार्च – कुसमी (बलरामपुर)

12 मार्च – कोरंधा (बलरामपुर)

21 मार्च – तमनार (रायगढ़)

अब – लैलूंगा (रायगढ़)

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