दुर्ग जिले के ग्राम समोदा में अवैध अफीम की खेती के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के आरोप में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

दुर्ग । छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दुर्ग कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। अवैध अफीम की खेती की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी दुर्ग द्वारा 7 मार्च 2026 को ग्राम समोदा में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत लगाए गए मक्का फसल प्रदर्शन का निरीक्षण किया गया था। यह प्रदर्शन प्लॉट ग्राम समोदा के किसान विमल ताम्रकार के खेत में आयोजित किया गया था। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जांच के दौरान पाया गया कि जिस खसरे में मक्का फसल प्रदर्शन चयनित बताया गया था, वहां वास्तविक प्रदर्शन प्लॉट मौजूद नहीं था। इसके अलावा कृषि पोर्टल पर वास्तविक किसान के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति का फोटो अपलोड किया गया था। निरीक्षण के समय प्रदर्शन बोर्ड भी नहीं पाया गया, जो कि योजना के नियमों के अनुसार अनिवार्य होता है। सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि प्रदर्शन प्लॉट के निकट अफीम की खड़ी फसल मौजूद थी, लेकिन इसकी सूचना संबंधित अधिकारी द्वारा सक्षम अधिकारियों को नहीं दी गई।
इन सभी अनियमितताओं को देखते हुए ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के जवाब में एकता साहू ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि फसल प्रदर्शन स्थल का चयन किसान द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों के आधार पर किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि खसरे की पहचान के लिए नक्शा उपलब्ध नहीं था। इसके अलावा किसान की तबीयत खराब होने के कारण कृषि पोर्टल में किसान के प्रतिनिधि का फोटो अपलोड किया गया था।

