रंग छोड़ने की शिकायत पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने खुद धोकर देखी आंगनबाड़ी वाली साड़ी..

Spread the love

 

रायपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को वितरित किये गए साड़ियों की गुणवत्ता में गड़बड़ी की शिकायत मिली है। इस पर विभाग और विभागीय मंत्री दोनों तरफ से सफाई सामने आई है। कहा गया है कि, तय मापदंड और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत हुआ है, लेकिन जहां भी गड़बड़ी मिली है, वहां सुधार किया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर साड़ियां बदली जाएंगी।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को दी गई साड़ियों की लंबाई और गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्शन लिया है। विभाग के मुताबिक, केंद्र सरकार के प्रावधान के तहत हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को साल में दो साड़ी यूनिफॉर्म दी जाती है। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपए तय हैं। इसी आधार पर राज्य में करीब 1.94 लाख साड़ियों की आपूर्ति का आदेश छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी को दिया गया था। साड़ियों के रंग, डिजाइन और लंबाई का मापदंड राज्य स्तर पर तय किया गया था। इसके अनुसार साड़ी की लंबाई 5.50 मीटर और ब्लाउज पीस सहित कुल लंबाई 6.30 मीटर निर्धारित है।

महिला एवं बाल विकास विभाग को साड़ी की आपूर्ति से पहले छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़ी एजेंसी के सैंपल की जांच तकनीकी एजेंसी राइट्स लिमिटेड, मुंबई से कराई गई थी, जिसमें गुणवत्ता सही पाई गई। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी वितरित की गई l हालांकि वितरण के बाद दुर्ग, धमतरी, रायगढ़ और कबीरधाम जिलों से कुछ शिकायतें सामने आईं। इनमें साड़ी छोटी होने, धागा निकलने और रंग छोड़ने की बात कही गई। विभाग ने तुरंत जांच समिति बनाकर इन मामलों की पड़ताल कराई। जांच में कुछ मामलों में लंबाई कम और बुनाई में खामियां सामने आईं। विभाग का कहना है कि कॉटन साड़ी होने के कारण पहली धुलाई में रंग छोड़ने की स्थिति कुछ जगहों पर दिखी, लेकिन बाद में रंग सामान्य रहा।

जिलों को दिए गए ये अहम निर्देश

महिला एवं बाल विकास विभाग ने अब सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे साड़ियों की दोबारा जांच करें और जहां मापदंड से कमी मिले, उसकी जानकारी भेजें। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को भी साफ निर्देश दिए गए हैं कि ऐसी साड़ियों को बदलकर मानक के अनुसार नई साड़ियां उपलब्ध कराई जाएं। विभाग ने यह भी बताया कि जारी कार्यादेश में ही एजेंसी को गुणवत्ता बनाए रखने और शिकायत मिलने पर सामग्री बदलने की शर्त लिखी गई थी।विभाग का कहना है कि किसी भी हितग्राही को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिका को साड़ी मानक के अनुरूप साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी।

मंत्री राजवाड़े ने खुद ही धोकर देखी साड़ी

वही इस पूरे मामले पर खुद विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साड़ी के मामले पर मंत्री ने कहा कि, मैंने खुद साड़ी धोकर देखा है। सुखाने के समय कितना कलर आया यह भी देखा है। इसके बाद ही वितरण करने के आदेश दिए गए है। मंत्री ने कहा कि, हो सकता है कहीं-कहीं शिकायतें आई होंगी। लेकिन जहां ऐसे मामले आ रहे हैं, उन्हें वापस लेंगे। इसके बाद फिर दोबारा से इसे रिप्लेस कराये जायेंगे। साड़ी खरीदी में गड़बड़ी हुई होगी तो इसकी जांच कराई जाएगी।

मंत्री ने साधा कांग्रेस पर निशाना

इस आश्वासन के साथ ही मंत्री ने कांग्रेस को भी आड़े हाथ लिया है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के जमाने में साड़ी वितरण में भ्रष्टाचार होता था। कांग्रेस कार्यकाल की साड़ी पहनने लायक नहीं होती थी। तब की साड़ी मछली झोलने (पकड़ने) के काम आती थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?