जिला अस्पताल में नवजात की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

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दुर्ग जिला अस्पताल में एक नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक बच्चे के माता-पिता ने कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।


7 फरवरी को अस्पताल में हुई थी भर्ती

भिलाई के मदर टेरेसा, 18 नंबर रोड निवासी करिश्मा भारती (20) ने बताया कि 7 फरवरी 2026 की शाम करीब 7 बजे वह चेकअप के लिए जिला चिकित्सालय दुर्ग पहुंची थीं। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कर लिया।करिश्मा के अनुसार, उन्हें प्रसव पीड़ा हो रही थी, जिसके चलते इंजेक्शन लगाए गए। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चेदानी का मुंह नहीं खुला है और उन्हें टहलने की सलाह दी गई। 9 फरवरी को दोबारा उन्हें डिलीवरी रूम में ले जाकर जांच की गई और दर्द का इंजेक्शन दिया गया।

सामान्य प्रसव, लेकिन नवजात को किया गया ICU में शिफ्ट

परिजनों के मुताबिक, 10 फरवरी की सुबह 3 बजकर 1 मिनट पर करिश्मा का सामान्य प्रसव हुआ और उन्होंने बेटे को जन्म दिया। नवजात का वजन 3 किलो 229 ग्राम बताया गया। परिवार का कहना है कि जन्म के बाद उन्हें बताया गया कि बच्चे ने ‘गंदा पानी’ पी लिया है, जिसके कारण उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ेगा। डॉक्टरों ने बच्चे के ठीक होने का आश्वासन भी दिया। टांके लगे होने के कारण करिश्मा को 2-3 घंटे रुकने को कहा गया और बाद में वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

डॉक्टरों ने बताई हालत गंभीर

बच्चे के पिता राजाराम भारती (25) के अनुसार, डिलीवरी के लगभग 20 मिनट बाद नवजात को आईसीयू में ले जाया गया। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की हालत गंभीर है, उसका सिर कमजोर है और उसने ‘गंदा पानी’ पी लिया था। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने कहा था कि बच्चे को ज्यादा दिन तक बचा पाना मुश्किल है।

अगले दिन सुबह दी मौत की सूचना

राजाराम के मुताबिक, 11 फरवरी की सुबह करीब 8:30 बजे अस्पताल से फोन कर उन्हें बुलाया गया और बताया गया कि नवजात की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों ने यह भी कहा कि बच्चा जन्म के समय से ही कमजोर था और कोमा जैसी स्थिति में था।

परिजनों ने उठाए सवाल, थाने में शिकायत

परिवार का आरोप है कि यदि समय पर सही उपचार मिलता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। घटना से आक्रोशित परिजन कोतवाली थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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