हत्या के आरोपी की इलाज के दौरान मौत : 3 साल से जेल में था बंद, दो महीने पहले ही सुनाई गई थी सजा

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दुर्ग जिले की केंद्रीय जेल में बंद हत्या (धारा 302) के मामले में सजा काट रहे कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई। कैदी की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया था, जहां शुक्रवार (16 जनवरी) सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

मृतक की कैदी का नाम विनय प्रताप सिंह (35) है। वह दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में दर्ज हत्या के मामले में मार्च 2023 से केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध था। मामले की सुनवाई के बाद 28 नवंबर 2025 को उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी, जिसके बाद से वह जेल में सजा काट रहा था।

बीमारी से जूझ रहा था कैदी

जेल प्रशासन के अनुसार, विनय प्रताप सिंह लंबे समय से लो शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) और मानसिक बीमारी से पीड़ित था। उसकी तबीयत अक्सर बिगड़ती रहती थी, जिस कारण जेल अस्पताल में उसका नियमित इलाज किया जा रहा था।

डॉक्टरों की निगरानी में उसे दवाइयां दी जा रही थीं और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाता था। जेल प्रशासन का दावा है कि कैदी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।

तबीयत बिगड़ते ही किया गया रायपुर रेफर

केंद्रीय जेल अधीक्षक मनीष संभाकर ने के अनुसार बीते दिन सुबह अचानक कैदी की हालत गंभीर हो गई। लो शुगर के चलते उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी, जिसके बाद जेल प्रशासन ने तत्काल निर्णय लेते हुए उसे रायपुर रेफर किया।

एम्बुलेंस के जरिए कैदी को रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उसका इलाज शुरू किया।

इलाज के दौरान हुई मौत

जेल अधीक्षक के मुताबिक, शुक्रवार सुबह रायपुर से सूचना मिली कि इलाज के दौरान विनय प्रताप सिंह की मौत हो गई है। इस खबर के मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।

नियमानुसार मृत कैदी की सूचना संबंधित थाने और वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। कैदी की मौत के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

शव का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

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