
छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम में एक बड़ा विवाद सामने आया है, जहां कमिश्नर पर कर्मचारी से निजी काम करवाने और सामान मंगवाने का आरोप लगा है। एक कर्मचारी ने इन फरमाइशों को पूरा न करने पर सस्पेंड होने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया, जहां कोर्ट ने अनुशासनात्मक कार्रवाई पर रोक लगा दी है। यह मामला व्हाट्सएप चैट्स के स्क्रीनशॉट्स के आधार पर चर्चा में है।

कमिश्नर की व्हाट्सएप पर फरमाइशों की लिस्ट
कर्मचारी के अनुसार, दुर्ग नगर निगम कमिश्नर ने व्हाट्सएप चैट के माध्यम से कई निजी सामान मंगवाए। इनमें शामिल थे:
• 10 किलो जवा फूल चावल
• 5 किलो सेब
• लाल अंगूर जैसे फल
• 1 किलो पाइनएप्पल
• 1 किलो सेब
• 1 किलो अनार
• 1 किलो संतरा
• धुरंधर मूवी का कॉर्नर वाला टिकट बुक करवाना
• DTH रिचार्ज करवाना
• बंगले में सामान पहुंचवाना और Wi-Fi रिचार्ज आदि
चैट में कमिश्नर ने लिखा था कि “फल बोल देना” और लिस्ट भेजी गई। कर्मचारी ने इनमें से कई काम किए, लेकिन पूरी डिमांड पूरी न होने पर अधिकारी नाराज हो गए।

डिमांड पूरी न होने पर सस्पेंड का खतरा
कर्मचारी का दावा है कि डिमांड पूरी न करने पर उन्हें सस्पेंड कर दिया गया और नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। आरोप पत्र जारी किया गया और जांच रिपोर्ट भी तैयार की गई। कर्मचारी ने इसे अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि ये निजी काम थे, जो अधिकारी के दबाव में किए गए।
हाईकोर्ट में याचिका और राहत
परेशान कर्मचारी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की, जिसमें व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट्स पेश किए गए। याचिका में कमिश्नर द्वारा जारी आरोप पत्र और जांच रिपोर्ट को चुनौती दी गई।
हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 23 फरवरी तय की गई है।


