NDPS केस में बड़ा फैसला: धारा 50 केवल व्यक्तिगत तलाशी पर लागू, बैग/वाहन पर नहीं – छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

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सार्वजनिक स्थान पर जब्ती धारा 43 के तहत मान्य, 15 साल की सजा बरकरार


रायपुर |

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने एनडीपीएस मामलों में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 50 केवल व्यक्ति की व्यक्तिगत (शारीरिक) तलाशी पर लागू होती है। बैग, पर्स, वाहन या अन्य कंटेनर की तलाशी पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने 11 मार्च 2026 को तीन आपराधिक अपीलों को खारिज करते हुए चार आरोपियों की दोषसिद्धि और 15 वर्ष के कठोर कारावास की सजा को बरकरार रखा। मामला कोडीन युक्त कफ सिरप की 175 बोतलों की बरामदगी से जुड़ा था।


क्या कहा कोर्ट ने

  • धारा 50 का दायरा सीमित:
    कोर्ट ने कहा कि पर्स या बैग की तलाशी को व्यक्तिगत तलाशी नहीं माना जाएगा, इसलिए धारा 50 लागू नहीं होती।
  • धारा 42 नहीं, धारा 43 लागू:
    सार्वजनिक स्थान पर की गई जब्ती NDPS Act Section 43 के अंतर्गत आएगी, न कि NDPS Act Section 42 के तहत।
  • सैंपल में देरी से केस प्रभावित नहीं:
    यदि जब्ती से लेकर FSL तक साक्ष्य की श्रृंखला सुरक्षित है, तो सैंपल भेजने में देरी से अभियोजन कमजोर नहीं होता।
  • एक ही अधिकारी की दोहरी भूमिका मान्य:
    सूचना देने वाला अधिकारी ही जांच अधिकारी होने से केस स्वतः प्रभावित नहीं होता, जब तक पक्षपात साबित न हो।
  • सचेत कब्जा सिद्ध:
    आरोपियों द्वारा धारा 35 और 54 के तहत “सचेत कब्जे” की धारणा को खंडित नहीं किया जा सका।

फैसले का असर

यह निर्णय एनडीपीएस मामलों में तलाशी और जब्ती से जुड़े कानूनी विवादों पर स्पष्टता लाता है। इससे भविष्य के मामलों में जांच और ट्रायल प्रक्रिया को लेकर मार्गदर्शन मिलेगा।


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