दुर्ग गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट: सांसद के पूर्व-पीए समेत 2 आरोपियों ने किया सरेंडर, सभी 6 अब पुलिस गिरफ्त में

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दुर्ग-भिलाई | छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से सात वर्षों तक कथित सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने शुक्रवार को अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में बी एन पांडेय, जो कि विजय बघेल के पूर्व पीए बताए जा रहे हैं, तथा संजय पंडित शामिल हैं। इसके साथ ही मामले के सभी छह आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में हैं।

बढ़ते दबाव में कोर्ट पहुंचे आरोपी
पुलिस के अनुसार, इससे पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मणि शंकर चंद्रा ने बताया कि दोनों आरोपी लंबे समय से फरार थे और पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। बढ़ते दबाव के चलते दोनों ने 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की तैयारी में है।

नौकरी का झांसा, वीडियो से ब्लैकमेल
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, मामला वर्ष 2018 से शुरू हुआ जब 14 वर्षीय किशोरी अपनी मां के साथ बिलासपुर से दुर्ग आई थी। मां को झाड़ू-पोछा का काम दिलाने के नाम पर उन्हें सिविल लाइन क्षेत्र स्थित पीडब्ल्यूडी क्वार्टर में ठहराया गया। आरोप है कि इसी दौरान विभाग से जुड़े कर्मचारियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और किसी को बताने पर जान से मारने व शहर से भगा देने की धमकी दी।
लॉकडाउन के बाद पीड़िता दोबारा दुर्ग लौटी। वर्ष 2023 में नौकरी दिलाने के बहाने उसे पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस बुलाया गया। आरोप है कि पांडेय ने विभाग में प्रभाव दिखाकर संविदा नौकरी दिलवाई और फिर व्हाट्सऐप पर अश्लील वीडियो मंगवाकर ब्लैकमेल किया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई वर्षों तक शोषण किया जाता रहा।

होटल, रेस्ट हाउस और अलग-अलग स्थानों पर दुष्कर्म
पीड़िता के अनुसार, छुट्टियों के दिन उसे अलग-अलग स्थानों—रेस्ट हाउस, सर्किट हाउस और होटलों—में बुलाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। 2024 में कारोबारी के घर और कवर्धा व पाटन के रेस्ट हाउस में भी वारदात हुई। अक्टूबर 2025 में इंदिरा मार्केट स्थित एक होटल में अंतिम बार मिलने के बहाने बुलाकर फिर दुष्कर्म किया गया।

सांसद ने किया पूर्व-पीए होने से इनकार
इस मामले में नाम आने के बाद सांसद विजय बघेल ने बी एन पांडेय के उनके निजी सहायक होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह उनके कार्यालय में डिपार्टमेंटल अटैचमेंट पर कार्यरत था, निजी पीए नहीं।

मंगेतर के सहयोग से दर्ज हुई शिकायत
लगातार धमकियों और शोषण से परेशान पीड़िता ने अपनी आपबीती मंगेतर को बताई। उसके हौसला देने के बाद महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। अब पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर मामले के हर पहलू की जांच कर रही है।
फिलहाल सभी छह आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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