
रिसाली, 22 अगस्त 2025।
शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली में प्राचार्य डॉ. अनुपमा अस्थाना के मार्गदर्शन में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नवीन शिक्षण-अधिगम, अनुसंधान आधारित गतिविधियों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना तथा उन्हें सामाजिक रूप से जिम्मेदार और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी नागरिक बनाने पर केंद्रित रहा।
बैठक का एजेंडा शिक्षण-अधिगम नवाचार और आईसीटी एकीकरण, नैक मान्यता प्रक्रिया की प्रगति, छात्र सहायता और प्रगति उपाय तथा गुणवत्ता संवर्धन के उपाय रहा, जिस पर उपस्थित सदस्यों द्वारा विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।
बैठक का शुभारंभ सभी सम्माननीय सदस्यों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ हुआ। प्राचार्य डॉ. अनुपमा अस्थाना ने महाविद्यालय की वर्तमान सामर्थ्य और अभावों की जानकारी देते हुए कहा कि “महाविद्यालय प्रारंभिक चरण में है, फिर भी नवीन और रचनात्मक कार्यों से लगातार प्रगति कर रहा है।”
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने छात्रों को यूजीसी MOOCs एवं SWAYAM जैसे प्लेटफार्म से जुड़ने की सलाह दी। डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने विद्यार्थियों को सर्टिफिकेट कोर्स, स्किल एन्हांसमेंट प्रोग्राम और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के माध्यम से उद्यमिता की ओर प्रेरित करने पर जोर दिया। वरिष्ठ पत्रकार श्री संजय पाठक ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत महाविद्यालयों को आपसी सहयोग से संसाधनों का उपयोग छात्रों के हित में करना चाहिए। वरिष्ठ पत्रकार श्री सुरेन्द्र शर्मा ने रिसाली महाविद्यालय की निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। वहीं उद्योगपति श्री अरुण कुमार अग्रवाल ने विद्यार्थियों के कौशल विकास और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने हेतु इंटर्नशिप प्रोग्राम उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में संयोजक डॉ. नागरत्ना गनवीर सहित शिक्षाविद, पत्रकार, उद्योगपति, जनभागीदारी समिति सदस्य एवं महाविद्यालय के आंतरिक सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, श्री अरुण कुमार अग्रवाल, श्री संजय पाठक, श्री सुरेन्द्र शर्मा, श्री सुरेन्द्र रजक, प्रो. नूतन देवांगन, प्रो. पूजा पाण्डेय, प्रो. शंभू प्रसाद, प्रो. रीतू श्रीवास्तव, प्रो. ममता, प्रो. सतीश गोटा, श्री गुलशन देवांगन एवं श्री सुखनंदन साहू (पालक प्रतिनिधि) शामिल रहे।
बैठक में लिए गए सुझावों और प्रस्तावों को आगामी शैक्षणिक कार्ययोजना में समाहित करने का आश्वासन दिया गया।