
भिलाई। दुर्ग जिले के भिलाई क्षेत्र में पुलिस ने एक हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में रैकेट संचालिका धनवंती रावत उर्फ रीना सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 7 युवतियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर छोड़ दिया गया। एक ग्राहक के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
पुलिस के अनुसार यह रैकेट पिछले करीब तीन महीनों से संचालित हो रहा था। जांच में सामने आया है कि इसमें शामिल कुछ युवतियां छात्राएं थीं, जो छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों तथा अन्य राज्यों से पढ़ाई या नौकरी के लिए भिलाई आई थीं।
पढ़ाई और नौकरी के नाम पर भिलाई पहुंचती थीं युवतियां
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि कई युवतियां पढ़ाई या रोजगार की तलाश में भिलाई आती थीं। यहां अन्य युवतियों की महंगी जीवनशैली देखकर उनके खर्च बढ़ने लगते थे। आर्थिक दबाव के कारण कुछ युवतियां दलालों के संपर्क में आ जाती थीं और धीरे-धीरे यह काम उनके लिए आय का साधन बन जाता था।
बंगाल और छत्तीसगढ़ के जिलों की युवतियां शामिल
पुलिस के अनुसार इस रैकेट में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी और दार्जिलिंग की युवतियां भी शामिल थीं। इसके अलावा बिलासपुर, बालोद, जशपुर और कोरबा जिलों की युवतियां भी भिलाई में किराए के कमरों में रहकर पढ़ाई कर रही थीं और इस नेटवर्क से जुड़ गई थीं।
महंगी शराब और सिगरेट की होती थी मांग
जांच में यह भी सामने आया है कि कई युवतियां ग्राहकों के सामने महंगी ब्रांडेड शराब और सिगरेट की मांग रखती थीं। शराब की कीमत लगभग 2500 से 5000 रुपये तक होती थी, जो तय रकम से अलग होती थी।
व्हाट्सएप से भेजी जाती थीं तस्वीरें
रैकेट संचालिका रीना सिंह अपने मोबाइल से युवतियों की तस्वीरें व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों को भेजती थी। तस्वीरों के साथ ही कीमत भी बताई जाती थी और फोन पर ही सौदा तय किया जाता था। इसके बाद क्यूआर कोड के जरिए एडवांस भुगतान लिया जाता था। रकम मिलने के बाद युवती को ग्राहक तक पहुंचाया जाता था।
एक युवती के लिए 6 से 10 हजार रुपये तक सौदा
पुलिस के मुताबिक ग्राहकों से एक युवती के लिए 6 हजार से 10 हजार रुपये तक का सौदा तय किया जाता था। इसमें से 4 से 6 हजार रुपये युवतियों को दिए जाते थे। दूसरे राज्यों से आई युवतियों की कीमत अधिक बताई जाती थी।
अधिकतर ग्राहक 50 वर्ष से ऊपर
जांच में यह भी सामने आया है कि अधिकांश ग्राहक 50 वर्ष से अधिक उम्र के होते थे। कुछ ग्राहक युवतियों को दो से तीन दिन के पैकेज में धार्मिक या पर्यटन स्थलों पर भी लेकर जाते थे। इन स्थानों में पुरी, राजस्थान, गोवा, विशाखापट्टनम, अहमदाबाद और महाराष्ट्र के शहर शामिल बताए गए हैं।
बुटिक की आड़ में चल रहा था रैकेट
पुलिस ने बताया कि संचालिका लोगों की नजरों से बचने के लिए सुपेला क्षेत्र में एक बुटिक भी चलाती थी, जो केवल दिखावे के लिए था। कुछ युवतियों को वहां काम के बहाने बैठाया जाता था।
भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित कड़ियों की भी जांच कर रही है।

