
बड़े राजपुर ब्लॉक के कई गांव प्रभावित, किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई
फरसगांव/केशकाल। छत्तीसगढ़ के केशकाल विधानसभा क्षेत्र में शुक्रवार शाम हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। बड़े राजपुर ब्लॉक के टेवंसा, छोटे राजपुर, पाडोकी और बड़े राजपुर सहित कई गांवों में ओले आफत बनकर बरसे, जिससे सैकड़ों एकड़ में खड़ी फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं।
ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में इस तरह की ओलावृष्टि पहले कभी देखने को नहीं मिली। तेज बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों में खड़ी मक्का, धान और चने की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया। कई जगहों पर ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे पूरा इलाका बर्फ की चादर से ढका नजर आया।
किसानों का कहना है कि, इस आपदा ने उनकी सालभर की मेहनत बर्बाद कर दी है। वे शासन-प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
12 घंटे बाद भी दिखी बर्फ की परत
ओलावृष्टि के 12 घंटे बाद भी खेतों और जमीन पर बर्फ जैसी परत जमी रही, जो इस प्राकृतिक आपदा की गंभीरता को दर्शाती है। ग्रामीणों ने इसकी तुलना शिमला-मनाली जैसे पहाड़ी इलाकों में होने वाली बर्फबारी से की।
सर्वे के बाद स्पष्ट होगा नुकसान
प्रशासन द्वारा सर्वे टीम गठित किए जाने की तैयारी की जा रही है। सर्वे के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने गांव प्रभावित हुए हैं और कुल कितना नुकसान हुआ है।
निष्कर्ष:
अचानक हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि जल्द सर्वे कर राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

