
दुर्ग।
शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के लिए यह अत्यंत गर्व एवं सम्मान का विषय है कि महाविद्यालय के 7 एनसीसी कैडेट अग्निवीर योजना के अंतर्गत भारतीय सेना में चयनित हुए हैं। चयन उपरांत छह माह का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूर्ण कर महाविद्यालय आगमन पर उनके सम्मान में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संचालनालय उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ के एडिशनल डायरेक्टर डॉ. एस.के. पटले, विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय महाविद्यालय रिसाली , भिलाई की प्राचार्य डॉ. अनुपमा अस्थाना, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे, सहायक प्राध्यापक श्रीमती सीतेश्वरी चंद्राकर सहित महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में चयनित एनसीसी कैडेटों का पुष्पमालाओं से स्वागत कर उन्हें सम्मानित किया गया। समारोह स्थल राष्ट्रभक्ति, उत्साह एवं प्रेरणा के भाव से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने चयनित अग्निवीर कैडेटों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन महाविद्यालय के इतिहास में एक गौरवपूर्ण दिवस है। एनसीसी कैडेटों ने अनुशासन, समर्पण एवं निरंतर कठिन परिश्रम के बल पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है।
उन्होंने कैडेटों को प्रेरित करते हुए कहा—
“ जैसे सप्ताह में 7 दिन होते हैं, वैसे ही आज 7 कैडेटों का चयन हुआ है। हमारा लक्ष्य 7 से 70 और 70 से 700 तक निरंतर आगे बढ़ना होना चाहिए। सही समय, सही स्थान और पूर्ण अनुशासन के साथ किया गया प्रयास ही सफलता दिलाता है। यह लक्ष्य केवल राष्ट्रभक्ति और सतत प्रयास से ही प्राप्त किया जा सकता है।”
विशिष्ट अतिथि डॉ. अनुपमा अस्थाना ने अपने उद्बोधन में कहा कि देशप्रेम की भावना से प्रेरित होकर इन विद्यार्थियों ने जो कदम उठाया है, वह अत्यंत सराहनीय है। यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने युवाओं से देश सेवा के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि ऐसे समर्पित युवा ही राष्ट्र की सच्ची शक्ति होते हैं।
मुख्य अतिथि एडिशनल डायरेक्टर डॉ. एस.के. पटले ने चयनित अग्निवीरों को संबोधित करते हुए कहा कि सेना में आपकी नियुक्ति विषम एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हो सकती है, इसलिए मानसिक एवं शारीरिक रूप से सदैव तैयार रहना आवश्यक है । उन्होंने अनुशासन, साहस, कर्तव्यनिष्ठा एवं देशप्रेम जैसे मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने पर बल दिया तथा चयनित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य एवं सफल सैन्य करियर के लिए शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय के चयनित विद्यार्थियों में ई. पवन, कुंजन देशमुख, गिरधर कुमार, आशीष कुमार, मुकेश कुमार, भेल सिंह एवं राहुल कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान चयनित अग्निवीर जवानों ने एनसीसी कैडेटों के साथ संवाद करते हुए सेना में भर्ती की आवश्यक योग्यताओं एवं शारीरिक दक्षता परीक्षा को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने छह माह के सैन्य प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सही समय पर, सही स्थान पर और सही वर्दी में उपस्थित रहना अनिवार्य होता है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान हमें एक गोली, एक दुश्मन के महत्व पर ज्यादा जोर दिया जाता था। प्रतिदिन सुबह से शारीरिक प्रशिक्षण, अध्ययन, खेलकूद, अनुशासित दिनचर्या, विषम परिस्थितियों में निरंतर अभ्यास एवं फायरिंग प्रशिक्षण जैसी कठिन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है। उनके अनुभवों से उपस्थित एनसीसी कैडेट अत्यंत प्रेरित हुए।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्र सेवा, अनुशासन एवं देशभक्ति के संकल्प के साथ किया गया।

