
दुर्ग। Jawahar Navodaya Vidyalaya में छात्रों के साथ कथित मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। मोबाइल फोन रखने के आरोप में 8 से 9 विद्यार्थियों की शिक्षकों द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने की शिकायत पर पुलिस ने दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना 21 फरवरी की है। पीड़ित छात्र कक्षा 10वीं से 12वीं तक के बताए जा रहे हैं। एक छात्र के पिता डोमन देशलहरा ने शिकायत में बताया कि उनके बेटे ने फोन पर सूचना दी थी कि मोबाइल रखने के मुद्दे पर उसे और अन्य छात्रों को वाइस प्रिंसिपल के कमरे में बुलाया गया।
डंडे, लात-घूंसों से पिटाई का आरोप
परिजनों के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट टीचर पीयूष कुमार और पीटी शिक्षक रविशंकर मंडलोई ने छात्रों की लकड़ी के डंडे, हाथ-मुक्कों और लात से पिटाई की। आरोप है कि एक छात्र को प्राइवेट पार्ट पर जूता पहनकर लात मारी गई, जिससे उसे सूजन और गंभीर दर्द की शिकायत हुई। अन्य छात्रों को भी डंडों और घूंसों से पीटे जाने की बात सामने आई है। छात्रों ने शिक्षकों पर अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया है।
प्रिंसिपल ने जताई अनभिज्ञता
बताया गया कि 22 फरवरी की रात छात्रों ने परिजनों को घटना की जानकारी दी। अगले दिन 23 फरवरी को परिजन विद्यालय पहुंचे और प्रिंसिपल शंकर प्रसाद से मामले में चर्चा की। परिजनों के अनुसार प्रिंसिपल ने घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
परिजनों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बिना अनुमति मोबाइल रखने पर इस प्रकार की शारीरिक सजा देना अमानवीय है और शिक्षा के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है।
पुलगांव थाना पुलिस की कार्रवाई
प्रारंभिक शिकायत नगपुरा पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद Pulgaon Police Station में आरोपित शिक्षकों के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने पोस्ट ग्रेजुएट टीचर पीयूष कुमार (41) और पीटी शिक्षक रविशंकर मंडलोई (54) को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है तथा अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

