बिलासपुर में बर्ड फ्लू पर काबू के प्रयास : 22 हजार+ मुर्गियां दफन, 25,896 अंडे भी खत्म, रैपिड रिस्पांस टीम अलर्ट पर

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bird flu

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सरकारी कुक्कुट पालन केंद्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद संक्रमित 22,808 मुर्गा-मुर्गियों के अलावा 25,896 अंडों को दफनाया गया है। मुर्गा व मुर्गियों के लिए रखे गए तकरीबन 79 क्विंटल दाने को गड्ढों में डालकर मिट्टी फिलिंग की गई है।

छत्तीसगढ़ बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद, पशु चिकित्सा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर एक्शन लिया है। संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा विभाग बिलासपुर के निर्देशन में रैपिड रिस्पांस टीम का गठन कर प्रभावित क्षेत्र में तत्काल कार्रवाई की गई।

रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा संक्रमित एवं संदिग्ध क्षेत्र में मौजूद शेष बचे कुल 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों तथा लगभग 79 क्विंटल दाने का वैज्ञानिक विधि से नष्टीकरण किया गया, ताकि संक्रमण की श्रृंखला को पूरी तरह समाप्त किया जा सके। यह कार्रवाई शासन के निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत की गई।

जिला प्रशासन द्वारा स्थिति की सतत निगरानी के लिए कलेक्टोरेट परिसर में बर्ड फ्लू कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है, जो 24 घंटे सक्रिय रहेगा। आमजन से अपील की गई है कि बर्ड फ्लू से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना, संदेह या मृत पक्षियों की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 07752-251000 पर दें।

संयुक्त संचालक पशु चिकित्सा विभाग डॉक्टर जीएसएस तंवर ने बताया, जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पशुपालकों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है। संक्रमण प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा जा रहा है। समय रहते उठाए गए इन कदमों से बर्ड फ्लू के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी और आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी और जागरूकता बनाए रखने की जरूरत है।

बिलासपुर जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने देर रात बर्ड फ्लू से प्रभावित कोनी क्षेत्र का संयुक्त दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र में की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की और मौके पर मौजूद स्वास्थ्य, पशुपालन एवं नगर निगम की टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल भी दौरे में उपस्थित थे।

कलेक्टर ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित होने के बाद आवागमन पर नियंत्रण रखा जाए। साथ ही संक्रमित पोल्ट्री एवं पक्षियों के सैंपलिंग, किलिंग (कुलिंग) एवं सुरक्षित निपटान की प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से सुनिश्चित की जाए।

एसएसपी रजनेश सिंह ने पुलिस अधिकारियों को कंटेनमेंट जोन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखने और अनावश्यक आवाजाही पर सख्ती से रोक लगाने निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि अफवाहों पर नियंत्रण रखते हुए लोगों को सही जानकारी उपलब्ध कराना भी जरूरी है। नगर निगम को क्षेत्र में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।

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