
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जारी कड़ाके की ठंड को देखते हुए दुर्ग जिले में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया गया है। जिला कलेक्टर ने शनिवार से सभी शासकीय, निजी एवं अनुदान प्राप्त स्कूलों के लिए संशोधित समय-सारणी लागू करने के आदेश जारी किए हैं, जो 15 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी।
नए आदेश के अनुसार, प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं की प्रथम पाली की कक्षाएं अब सुबह 8 बजे से प्रारंभ होंगी, जबकि हायर सेकेंडरी स्कूलों की दूसरी पाली की कक्षाएं दोपहर 12 बजे से संचालित की जाएंगी। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बस्तर संभाग में मौसम साफ रहने के बावजूद ठंड का प्रभाव बना हुआ है। बीते कुछ दिनों में राज्य के सात शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मैनपाट में रात का तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया, जहां ओस की बूंदें जमकर बर्फ का रूप लेती नजर आईं।
अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री, पेंड्रा में 8.6 डिग्री, जगदलपुर में 8.2 डिग्री, दुर्ग में 8.2 डिग्री और राजनांदगांव में 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया।
ठंड बढ़ने का असर स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल में प्रतिदिन 300 से 350 मरीज त्वचा संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डर्मेटोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों के अनुसार, इन दिनों ड्राई स्किन, एक्जिमा और सोरायसिस के मामलों में वृद्धि हुई है। चिकित्सकों ने ठंड के मौसम में त्वचा की विशेष देखभाल की सलाह दी है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले अंबिकापुर में खुले में सो रहे एक व्यक्ति की ठंड से मौत की भी सूचना मिली थी। मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के 19 जिलों में शीतलहर को लेकर अलर्ट जारी किया है, हालांकि आने वाले कुछ दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि ठंड के दौरान सतर्क रहें, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें तथा आवश्यक सावधानियां अपनाएं।


