
रेलवे के बड़े कांट्रेक्टर ठिकानों पर मंगलवार की सुबह ईडी ने दबिश दी। दुर्ग के दीपक नगर स्थित होटल सागर इंटरनेशनल के संचालक विजय अग्रवाल के घर और आफिस में सुबह अचानक ईडी की टीम पहुंची। टीम में 6 से ज्यादा अधिकारी हैं। समाचार लिखे जाने तक दोनों ही जगहों पर जांच की जा रही है। खबर है कि 70 लाख रुपए कैश मिला है। इसी प्रकार ईडी ने विजय अग्रवाल के बड़े भाई शरण अग्रवाल के महारानी बाग दिल्ली में भी दबिश दी है। जहां से 15 करोड़ रुपए कैश मिलने की खबर है। हालांकि ईडी ने कैश मिलने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्रों की मानें तो दोनों ही जगहों पर मिले कैश को लेकर ईडी पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम सुबह करीब 6 बजे 3 इनोवा में दुर्ग पहुंची। इस दौराम सीआरपीएफ के जवान उनके साथ थे। घर और ऑफिस को सील कर दिया गया है। खबर है कि विजय अग्रवाल के सीए को भी तलब किया गया है। बता दें कि दोनों भाइयों के नाम से अलग-अलग नाम से कई फर्म हैं। तीन भाइयों के इस ग्रुप के परिवार से जुड़े सदस्यों को छत्तीसगढ़ में भी पिछली सरकार में मिड डे मील का एक बड़ा काम मिला था। छोटे भाई अरुण की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इससे पहले विजय और शरण का नाम रेल नीर घोटाला में भी सामने आया था। उनका रायपुर में एक बड़ा होटल कोर्टयार्ड मैरियट भी है। बहरहाल ईडी ने किन कारणों से दोनों जगह दबिश दी है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। माना जा रहा है कि पप्पू बंसल से विजय अग्रवाल के संबंध और सरकारी महकमें के बड़े अधिकारियों से सांठगांठ की मिली जानकारी के बाद यह जांच की जा रही है। बता दें कि 2015 में सीबीआई ने रेल नीर घोटाले में जांच की थी। इसके बाद शरन अग्रवाल को गिरफ्तार भी किया गया था। उस समय भी शरन अग्रवाल के दिल्ली स्थित घर से करीब 27 करोड़ रुपए नकद मिला था। पूर्व में शरण, विजय और अरुण मिलकर अपनी मां आरके अग्रवाल एंड संस के नाम पर कैटरिंग का बिजनेस किया करते थे। इस दौरान स्टेशनों के स्टॉल लेने से लेकर खाने-पीने और अन्य सामानों की सप्लाई किया करते थे। रेलवे नीर बॉटलिंग में अनियमितता के मामले में उनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। एक बार फिर दोनों भाई ईडी के शिकंजे में हैं।