
दुर्ग। दुर्ग पुलिस ने एक बड़े अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की सक्रियता और एसीसीयू टीम की तत्परता से आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।
मामला कैसे सामने आया
दिनांक 24 अगस्त 2025 को नगपुरा चौकी अंतर्गत आंवला बाड़ी क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही की और मृतक की पहचान के प्रयास शुरू किए। फोटो प्रसारित किए जाने के बाद अंजनी ठाकुर नामक महिला ने शव की पहचान अपने पति धनेश ठाकुर के रूप में की। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में सिर पर पत्थर से चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया गया।
पत्नी और प्रेमी की साजिश
जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी अंजनी ठाकुर के हरपाल सिंह राजपूत उर्फ छोटू से पिछले 25 वर्षों से अवैध संबंध थे। मृतक धनेश शराब का आदी था और बेरोजगारी के कारण घर पर रहकर पत्नी से पैसे मांगता था। इससे दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ रहा था। इसी कारण दोनों ने मिलकर धनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
वारदात की कहानी
22 अगस्त को योजना के तहत हरपाल ने अंजनी के स्कूटी पर धनेश को बैठाकर शराब पिलाने के बहाने नगपुरा आंवला बगीचे ले गया। वहां शराब पिलाने के बाद नशे में धुत धनेश के सिर पर हरपाल ने पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। शव को पहचान छिपाने के लिए 15 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया। इसके बाद हरपाल ने अंजनी को फोन कर घटना की जानकारी दी।
गिरफ्तारी और पुलिस टीम का योगदान
गिरफ्तार आरोपी हैं –
हरपाल सिंह राजपूत उर्फ छोटू, उम्र 45 वर्ष, निवासी सरस्वती नगर, दुर्ग।
अंजनी ठाकुर, उम्र 44 वर्ष, पत्नी स्व. धनेश ठाकुर।
दोनों के खिलाफ हत्या का अपराध प्रमाणित होने पर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इस मामले के पर्दाफाश में थाना प्रभारी प्रकाशकांत, एसीसीयू प्रभारी प्रमोद रूसिया, चौकी प्रभारी मनोज यादव, उप निरीक्षक खेलन साहू सहित पूरी एसीसीयू टीम का सराहनीय योगदान रहा।
समाज के लिए संदेश
यह मामला न केवल पुलिस की त्वरित कार्रवाई का उदाहरण है बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि घरेलू विवाद, बेरोजगारी और लंबे समय से छिपे अवैध संबंध किस प्रकार जघन्य अपराध का कारण बन सकते हैं।