
दुर्ग नगर निगम के रिटेलर की पहल: अब नालों में नहीं बहेगा गोबर, फूलों से नहीं होगी तालाबों में गंदगी
दुर्ग। शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर पालिक निगम दुर्ग ने एक नई पहल शुरू की है। इस पहल के तहत अब खटालों और डेयरियों से पर्यटन विभाग में शामिल होने वाले फूल और पूजा सामग्री का संग्रह किया जाएगा।
उन्होंने विशेष रूप से फूल एवं पूजन सामग्री संग्रहित वाहनों को हरी भूमि पर एकत्रित करने के लिए तैयार किया। साथ ही शहर के मंदिरों और धार्मिक स्थानों से लेकर दैनिक फूलों और पूजा सामग्री को अलग-अलग तरीके से जोड़ा जाएगा। अब तक डायनासोर से डायनासोर वाले फूलों को सैकड़ों नदियों और तालाबों में प्रवाहित किया गया था, जिससे जल स्रोत बने थे और पर्यावरण को नुकसान हुआ था।
नई व्यवस्था से इन जल संसाधनों को साफ-सुथरा बनाए रखने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, मंदिरों में संग्रह संग्रह की व्यवस्था से पूजा सामग्री को इधर-उधर के विद्रोहियों की प्रवृत्ति पर रोक लगाई गई और उनका प्रबंधन किया गया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी और धार्मिक आस्था का सम्मान भी बना रहेगा।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के प्रभारी ब्लश अग्रवाल, लोक कर्म के प्रभारी देव नारायण चंद्रकार, मंडल के अध्यक्ष कौशल साहू, स्वास्थ्य अधिकारी दुर्गेश गुप्ता, लोक कर्म के अध्यक्ष चौधरी अहमद, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी शेखर साकेत सहित अन्य सार्वभौम एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
नगर निगम का यह पहला कदम शहर को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

