
दुर्ग। झाड़-फूंक एवं पूजा-पाठ के नाम पर लोगों को अंधविश्वास में फंसाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक महिला एवं एक पुरुष आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। आरोपियों ने एक व्यापारी को उसकी मां के इलाज का झांसा देकर करीब 13 लाख रुपये की ठगी की थी।

सायकल देखने के बहाने शुरू हुई ठगी की साजिश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना छावनी क्षेत्र निवासी संजय अठवानी (37 वर्ष) ने 21 जनवरी 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले दो अज्ञात व्यक्ति उनकी दुकान पर सायकल देखने के बहाने आए थे। बातचीत के दौरान उनमें से एक ने अपना नाम “राजू” बताया और मोबाइल नंबर ले लिया।
मां की बीमारी को बनाया हथियार
इसके बाद आरोपी ने फोन के माध्यम से लगातार संपर्क कर प्रार्थी की मां की बीमारी की जानकारी जुटाई और झाड़-फूंक व पूजा-पाठ से इलाज करने का दावा किया। 16 जनवरी 2026 को प्रार्थी को पावर हाउस फल मार्केट के पास बुलाकर एक महिला के साथ देवी पूजा के नाम पर नारियल और 1100 रुपये लिए गए तथा मां के ठीक होने का भरोसा दिलाया गया।
मंदिर में रखने के बहाने सोना और नकदी हड़पी
आरोपियों ने आगे प्रार्थी से उसकी मां के सोने के आभूषण एवं नकद राशि मंदिर में रखने की बात कही। 20 जनवरी 2026 को रेलवे स्टेशन पावर हाउस भिलाई के पास बुलाकर चार नग सोने के कंगन (लगभग 60 ग्राम, कीमत करीब 5 लाख रुपये) और 8 लाख रुपये नकद लेकर आरोपी फरार हो गए। इसके बाद दोनों के मोबाइल फोन भी बंद हो गए।

अपराध दर्ज, तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना छावनी में अपराध क्रमांक 43/2026 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया।
उत्तर प्रदेश से पकड़े गए आरोपी
•बाबूलाल, उम्र 45 वर्ष,
•गीता राय, निवासी जिला हाथरस (उत्तर प्रदेश)

