
दुर्ग, 18 फरवरी 2026। दहेज के लिए पत्नी के साथ मारपीट और शारीरिक शोषण के आरोप में फंसे रायपुर निवासी डॉक्टर की अग्रिम जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है। चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश दुर्ग की अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भिलाई निवासी नसरीन फातिमा ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसका विवाह 16 जून 2025 को रायपुर निवासी डॉक्टर सरफराज अहमद खान से हुआ था। विवाह के बाद से ही पति, सास और ननंद द्वारा दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाने लगा। शिकायत में मारपीट और शारीरिक शोषण के भी आरोप लगाए गए हैं।
मामले में आरोपी डॉक्टर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन में कहा गया कि वह एक प्रतिष्ठित व्यक्ति है, समाज में उसकी अच्छी छवि है और उस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
हालांकि, अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक सूरज शर्मा ने जमानत का विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि शिकायतकर्ता के आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और प्रथम दृष्टया साक्ष्य मौजूद हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने पाया कि प्रार्थिया के साथ दहेज की मांग करते हुए शारीरिक शोषण और मारपीट की गई है, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
अदालत ने कहा कि ऐसे मामलों में अग्रिम जमानत दिया जाना न्यायोचित नहीं है और आरोपी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।
मामले की जांच जारी है।
