बस्तर। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण है कि बस्तर जिले में स्थित धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) द्वारा विश्व के शीर्ष 20 पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया गया है। यह उपलब्धि भारत के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि धुड़मारास इस सूची में स्थान पाने वाला देश का एकमात्र गांव है।
कैसे पहुंचे: धुड़मारास गांव बस्तर जिले में स्थित है और यहाँ पहुंचने के लिए विभिन्न परिवहन सुविधाएं उपलब्ध हैं:
हवाई मार्ग: निकटतम हवाई अड्डा जगदलपुर में स्थित है, जो धुड़मारास से लगभग 60 किमी दूर है।
रेल मार्ग: जगदलपुर रेलवे स्टेशन निकटतम रेलवे स्टेशन है। यहां से टैक्सी या बस द्वारा धुड़मारास जाया जा सकता है।
सड़क मार्ग: धुड़मारास सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। बस्तर से निजी वाहन, टैक्सी या बस से यहाँ आसानी से पहुँचा जा सकता है।
धुड़मारास में क्या करें और क्या देखें? धुड़मारास गांव प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर से भरपूर है, जहाँ पर्यटक विभिन्न गतिविधियों का आनंद ले सकते हैं:
🔹 प्राकृतिक दृश्यों का आनंद: हरे-भरे जंगल, पहाड़ियां और जलधाराएं गांव को एक खूबसूरत परिदृश्य प्रदान करती हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त के अद्भुत दृश्य देखने लायक होते हैं।
🔹 ट्रेकिंग और नेचर वॉक: गांव के आसपास के जंगलों और पहाड़ियों में ट्रेकिंग और प्राकृतिक भ्रमण का आनंद लिया जा सकता है।
🔹 स्थानीय जनजातीय संस्कृति से परिचय: धुड़मारास की जनजातीय परंपराएं और संस्कृति बेहद समृद्ध हैं। पर्यटक पारंपरिक नृत्य, संगीत और हस्तशिल्प देख सकते हैं।
🔹 वन्यजीवन दर्शन: कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निकट होने के कारण यहाँ वन्यजीवन की विविधता देखने को मिलती है, जिसमें दुर्लभ पक्षी और जानवर शामिल हैं।
🔹 सहस्त्रधारा जलप्रपात: धुड़मारास के पास स्थित यह जलप्रपात एक प्रमुख आकर्षण है, जहाँ पर्यटक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कर सकते हैं।
🔹 स्थानीय व्यंजनों का स्वाद: छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों जैसे चिला, फरा और महुआ आधारित मिठाइयों का आनंद लिया जा सकता है।
इस सम्मान के बाद, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेड़ा) को निर्देश दिया है कि वे धुड़मारास में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को लागू करें, जिससे गांव को और अधिक पर्यावरण अनुकूल एवं पर्यटन-अनुकूल बनाया जा सके। इस पहल के तहत, गांव में सौर ऊर्जा से चलने वाली स्ट्रीट लाइटें, हाई मास्ट लाइटिंग सिस्टम और सौर पेयजल पंप स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा, स्थानीय विद्यालय को भी सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा।
महत्वपूर्ण बिंदु:
✅ धुड़मारास छत्तीसगढ़ का पहला गांव है जिसे UNWTO की वैश्विक सूची में स्थान मिला है।
✅ सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से गांव को आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जाएगा।
✅ इस पहल से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
✅ गांव तक पहुंचने के लिए सड़क, रेल और हवाई मार्ग की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
✅ पर्यटक ट्रेकिंग, वन्यजीवन दर्शन, जलप्रपात भ्रमण और जनजातीय संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस उपलब्धि पर पर्यटन विभाग, बस्तर जिला प्रशासन और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों को बधाई दी है। उन्होंने स्थानीय निवासियों की भी सराहना की, जिन्होंने अपनी सांस्कृतिक धरोहर और प्राकृतिक संपदा को संरक्षित रखते हुए गांव को एक अद्वितीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया है।
