
भिलाई, 19 जनवरी 2026।
श्री शंकराचार्य महाविद्यालय, जुनवानी में आज दिनांक 19 जनवरी 2026 को विद्यार्थियों के लिए ‘गौ-विज्ञान परीक्षा’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस परीक्षा का उद्देश्य छात्रों को गौ-वंश के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक महत्व से अवगत कराना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गौ-आधारित गतिविधियों की भूमिका को समझाना रहा।
परीक्षा के पश्चात महाविद्यालय परिसर में एक विशेष जागरूकता सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने सामूहिक रूप से ‘स्वदेशी अपनाओ’ और गौ-रक्षा का संकल्प लिया। छात्रों ने शपथ ली कि वे गौ-आधारित उत्पादों जैसे दूध, घी एवं पंचगव्य को प्राथमिकता देंगे तथा ग्रामीण कारीगरों द्वारा निर्मित स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सशक्त बनाएंगे। साथ ही रासायनिक उत्पादों के स्थान पर शुद्ध एवं प्राकृतिक गौ-उत्पादों के उपयोग पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना झा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-विज्ञान न केवल परंपरा से जुड़ा विषय है, बल्कि यह विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण से भी गहराई से संबंधित है।
अकादमिक डीन डॉ. जय दुर्गा प्रसाद राव ने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया।
गौ-विज्ञान की नोडल ऑफिसर डॉ. शिल्पा कुलकर्णी के कुशल मार्गदर्शन में परीक्षा का सुचारू संचालन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर डॉ. कांछी लता, सुधा मिश्रा, उज्जवला भोसले सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पूर्ण निष्ठा के साथ परीक्षा में सहभागिता करते हुए भविष्य में गौ-संरक्षण एवं स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर भारत की दिशा में प्रेरित करना रहा।

