
दुर्ग-भिलाई |
दुर्ग जिले में एक गंभीर और शर्मनाक मामले में महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार करने वाले पुलिस आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे (35) पर एक महिला ने बेटे को जेल से छुड़ाने का झांसा देकर अनैतिक कृत्य करने और जबरन शारीरिक संबंध का दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले की जांच के बाद एसएसपी दुर्ग विजय अग्रवाल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
पीड़ित महिला ने थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि उसका बेटा पॉक्सो मामले में जेल में बंद है। 18 नवंबर को आरक्षक अरविंद मेंढे ने बेटे को रिहा कराने में मदद करने के नाम पर उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डाला।
महिला का आरोप है कि जब उसने इनकार किया और बताया कि उसे मासिक धर्म चल रहा है, तब भी आरक्षक ने उसके साथ बदसलूकी की और प्राइवेट पार्ट चेक करने जैसी घिनौनी हरकत की। मामला सामने आने के बाद महिला खुद मीडिया के सामने आई और पूरी घटना की जानकारी दी।
घटना के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने भिलाई-3 थाने का घेराव भी किया था, जिसके बाद पुलिस प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया।
पूरा घटनाक्रम क्या है
पीड़िता के अनुसार, आरक्षक अरविंद मेंढे ने उसे फोन कर चरोदा बस स्टैंड बुलाया। वहां मिलने के बाद वह महिला को अपने निजी वाहन में बैठाकर रेलवे स्कूल के पास फाटक पार एक सुनसान जगह ले गया, जहां उसने छेड़छाड़ और बैड टच किया।
महिला ने बताया कि उसने कई बार विरोध किया, लेकिन आरक्षक नहीं माना और बेटे को जेल से छुड़ाने का हवाला देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता रहा।
जांच में सामने आए अहम तथ्य
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि 18 नवंबर 2025 को आरोपी आरक्षक की ड्यूटी प्रधान आरक्षक रविंद्र भारती के साथ थी। शाम 6:05 बजे ड्यूटी से लौटने के बाद उसी दिन शाम 7:05 से 7:56 बजे के बीच उसने पीड़िता को तीन बार फोन किया।
इसके अलावा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में यह भी सामने आया कि घटना से पहले 15 अक्टूबर 2025 से लेकर घटना तक आरोपी ने पीड़िता को करीब 15 बार कॉल किया था। घटना के समय दोनों की मोबाइल लोकेशन घटनास्थल के आसपास पाई गई।
अपराध दर्ज होते ही फरार हुआ आरोपी
मामला दर्ज होने के बाद से ही आरक्षक अरविंद मेंढे फरार है। आरोपी की पुलिस विभाग में नियुक्ति 18 अगस्त 2008 को हुई थी और वह 28 जून 2021 से थाना पुरानी भिलाई में पदस्थ था।
महिला की लिखित शिकायत पर थाना पुरानी भिलाई में अपराध क्रमांक 457/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(a)(i) में मामला दर्ज किया गया। 19 नवंबर 2025 से आरोपी बिना सूचना के गायब है। बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किए गए, लेकिन वह न तो थाने में उपस्थित हुआ और न ही अपने घर पर मिला।
पहले निलंबन, अब सीधी बर्खास्तगी
घटना सामने आने के तत्काल बाद आरोपी आरक्षक को निलंबित किया गया था। एक महीने बाद, 26 दिसंबर को एसएसपी कार्यालय से आदेश जारी कर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
फरारी के चलते नहीं हुई विभागीय जांच
पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने और गंभीर आचरण नियमों के उल्लंघन के चलते आरक्षक क्रमांक 1211 अरविंद कुमार मेंढे को बिना विभागीय जांच के नौकरी से हटाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और उसके फरार होने के कारण संविधान में प्रदत्त प्रावधानों के तहत सीधे कार्रवाई की गई।

