
दुर्ग-भिलाई।
जिले में शनिवार को रजिस्ट्री शुल्क और गाइडलाइन दरों में की गई भारी बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया। हाल ही में घोषित नए जिला अध्यक्षों ने पहली बार एक साथ सड़क पर उतरकर सरकार के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोला। पटेल चौक पर हुए इस विरोध में आम नागरिकों, किसानों और जमीन कारोबारियों की बड़ी संख्या देखी गई।
सभा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर जनविरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। भिलाई शहर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर, दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल और दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर पहली बार एक साथ मंच पर मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और वित्त मंत्री का पुतला भी दहन किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन भारी भीड़ के बीच प्रयास सफल नहीं हो सका।
500 से 1000 प्रतिशत वृद्धि पर तीखी आपत्ति
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि रजिस्ट्री और गाइडलाइन दरों में 500 से 1000 प्रतिशत तक की वृद्धि ने आम जनता पर बड़ा आर्थिक बोझ डाल दिया है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यह फैसला किसानों, मध्यम वर्ग और छोटे जमीन कारोबारियों के हितों पर चोट है। बढ़ी हुई दरों से जमीन की खरीद-बिक्री लगभग ठप पड़ गई है, जिससे बाजार में सन्नाटा छा गया है।
सरकार की नीतियां जनविरोधी: राकेश ठाकुर
दुर्ग ग्रामीण अध्यक्ष राकेश ठाकुर ने कहा कि पिछली सरकार ने पंजीयन शुल्क में छूट देकर लोगों को राहत दी थी, लेकिन मौजूदा सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से अव्यवहारिक बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने कहा, “यह निर्णय किसी भी वर्ग के हित में नहीं है, इससे केवल मुश्किलें बढ़ेंगी।”
उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप: चंद्राकर
भिलाई शहर अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर ने दावा किया कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा लाभ बड़े उद्योगपतियों और कॉर्पोरेट कंपनियों को मिलेगा। उनके अनुसार, बढ़ी हुई गाइडलाइन दर से उद्योगपतियों को जमीन पर अधिक ऋण सुविधा मिल सकती है, जबकि आम जनता की जमीन खरीदने की क्षमता लगभग समाप्त हो जाएगी।
प्रदेशभर में आंदोलन की चेतावनी: बाकलीवाल
दुर्ग शहर अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने रजिस्ट्री शुल्क वृद्धि को वापस नहीं लिया, तो कांग्रेस प्रदेशभर में बड़े पैमाने पर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी जनता के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर विधानसभा तक संघर्ष करेगी।
प्रदर्शन के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार से निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। भीड़ ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और बताया कि यदि फैसला नहीं बदला गया तो विरोध की तीव्रता और बढ़ेगी।


