
बलौदाबाजार 14 जनवरी 2026। बलौदाबाजार हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बुधवार, 14 जनवरी 2026 को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख एवं प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल को न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी थाना सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 378/2024 के तहत की गई है।
पुलिस का आरोप है कि 10 जून 2024 को हुई हिंसा और आगजनी की घटना में अमित बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इस मामले में अब तक 201 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।पुलिस ने अमित बघेल को रायपुर सेंट्रल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर बलौदाबाजार लाकर गिरफ्तार किया, जिसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। हालांकि, इस गिरफ्तारी को लेकर पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है कि घटना के करीब 19 महीने बाद अमित बघेल और उनके साथियों की गिरफ्तारी क्यों की गई
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि बलौदाबाजार में वर्ष 2024 में एक बड़ी हिंसक घटना सामने आई थी, जिसमें सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया था। इस दौरान कई स्थानों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं, जिससे इलाके में तनाव फैल गया था। घटना के बाद पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की थी और कई संगठनों व व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। 11 जनवरी 2026 को इसी प्रकरण में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी से जुड़े अजय वर्मा और दिनेश कुमार वर्मा उर्फ मंडल को गिरफ्तार किया गया था। इन गिरफ्तारियों के बाद जांच और तेज की गई, जिसमें अब अमित बघेल की भूमिका भी सामने आई।
जांच में क्या-क्या सामने आया?
बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस ने बताया कि विवेचना के दौरान अब तक करीब 100 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए जा चुके हैं। इनमें मोबाइल फोन, लैपटॉप, पेन ड्राइव और अन्य डिजिटल उपकरण शामिल हैं। इन सभी डिवाइस की फॉरेंसिक जांच अभी भी जारी है। पुलिस का दावा है कि इन डिजिटल साक्ष्यों से घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ने में मदद मिल रही है।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि अमित बघेल को मिलाकर अब तक इस मामले में कुल 199 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, आगजनी और तोड़फोड़ की घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान भी की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस का बयान
पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। किसी भी राजनीतिक या अन्य दबाव में आकर कार्रवाई नहीं की गई है। जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि घटना में शामिल सभी जिम्मेदार लोगों को कानून के दायरे में लाया जाए।
