
बिलासपुर—छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 26 नवंबर, 2025 को ठेकेदार हितेश भाई पटेल की एक अपील खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने एक व्यापारिक प्रतिद्वंद्वी नंदकिशोर खंडेलवाल के खिलाफ ₹10 लाख की मानहानि के लिए मुकदमा दायर किया था ।
पटेल ने आरोप लगाया था कि प्रतिवादी ने ईर्ष्यावश उनके खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई और स्थानीय समाचार पत्रों में उनके खिलाफ अपमानजनक खबरें प्रकाशित करवाईं । हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि वादी (हितेश भाई पटेल) यह साबित करने में पूरी तरह विफल रहा कि समाचार पत्र में खबर का प्रकाशन प्रतिवादी के कहने पर किया गया था ।
कोर्ट ने कहा कि समाचार पत्र की रिपोर्ट अपने आप में कानूनी साक्ष्य नहीं है और यह सुनी-सुनाई बात (hearsay evidence) है । चूंकि वादी ने खबर प्रकाशित करने वाले संपादक, प्रकाशक या संवाददाता की गवाही पेश नहीं की , इसलिए प्रतिवादी पर मानहानि का दायित्व तय नहीं किया जा सकता । कोर्ट ने मामले को दोबारा सुनवाई के लिए निचली अदालत में भेजने की अपील को भी खारिज कर दिया ।


