छत्तीसगढ़ में बर्ड फ्लू की धमक, जांच रिपोर्ट के बाद इनफेक्टेड और सर्विलांस जोन घोषित, मुर्गे–मुर्गियों और पोल्ट्री उत्पादों को नष्ट करने के आदेश, बंद रहेंगी दुकानें……

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बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बर्ड फ्लू ने पांव पसार लिया है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले 5 दिनों में 5000 से अधिक मुर्गे– मुर्गियों की मौत के बाद जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी रायपुर से आई थी और भोपाल सैंपल भी भेजा गया था। सैंपल की रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एहतियातन कई निर्देश जारी किए हैं।

शासकीय कुक्कुट पालन प्रक्षेत्र कोनी बिलासपुर से बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है, वहां प्रक्षेत्र के पक्षियों और अन्य उत्पादों दाना,अंडा, बोरी इत्यादि के विनिष्टीकरण के लिए 9 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जिसमें डॉक्टर आरके गुप्ता नोडल अधिकारी होंगे। इसके अलावा कोनी के एक किलोमीटर के क्षेत्र को इनफेक्टेड जोन और आसपास के दस किलोमीटर के एरिया को सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। संक्रमण क्षेत्र में पाए गए एक किलोमीटर की परिधि को संक्रमित क्षेत्र एवं 10 किलोमीटर के क्षेत्र को सर्विलांस क्षेत्र में मैपिंग कर स्थानीय भाषा में साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

उक्त क्षेत्र में कुक्कुट पक्षियों,उत्पादों, दानों के विनष्टिकरण की कार्रवाई के लिए राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, नगरीय प्रशासन, पंचायत विभाग के प्रतिनिधियों को शासन की गाइडलाइन के अनुसार समन्वय बनाकर निर्धारित एसओपी के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। मारे गए पक्षियों एवं फार्म के अपशिष्टों का जैव सुरक्षा नियमों के अनुसार प्रबंध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। कोनी के उक्त सरकारी पोल्ट्री फार्म में कार्यरत कर्मचारियों का एसओपी के अनुसार सैंपल लेकर टेस्ट करवाने के निर्देशों के साथ ही जनता में लक्षण एवं बचाव के लिए आवश्यक प्रचार प्रसार करवाने के निर्देश दिए गए हैं।

इनफेक्टेड जोन और सर्विलांस जोन में किसी भी प्रकार के खरीदी–बिक्री एवं पोल्ट्री उत्पादों के परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने एसएसपी, डीएफओ और परिवहन विभाग को निर्देशित किया है कि अपने विभाग अंतर्गत चेक पोस्ट बनाकर सर्विलांस और इनफेक्टेड जोन के अंतर्गत पोल्ट्री बर्ड्स के मूवमेंट को रोका जाए तथा अन्य क्षेत्रों में भी सतत निगरानी की जाए। आवश्यक जानकारी प्रदान करने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण केंद्रों की स्थापना करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे काम करेंगे। इसके अलावा पशुधन विकास विभाग को रैपिड रिस्पांस टीमों का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पोल्ट्री उत्पादों का व्यवसाय करने वाले दुकानों को बंद करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

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