अष्टलक्ष्मी दर्शन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए वैशाली नगर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक और दो छात्रों का चयन

Spread the love

भिलाई।
उत्तर पूर्व परिषद सचिवालय, पूर्वोत्तर क्षेत्र का विकास मंत्रालय (DoNER), भारत सरकार द्वारा संचालित “अष्टलक्ष्मी दर्शन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम” के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य के विद्यार्थियों को पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक भ्रमण के लिए चयनित किया गया है। इस कार्यक्रम के तहत राज्य के 20 चयनित विद्यार्थी एवं 2 नोडल अधिकारी पूर्वोत्तर क्षेत्र के भ्रमण पर भेजे जाएंगे।
इसी क्रम में इंदिरा गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, वैशाली नगर, भिलाई के कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक सुरेश कुमार ठाकुर का चयन छत्तीसगढ़ दल के नोडल अधिकारी के रूप में किया गया है। साथ ही महाविद्यालय के दो छात्र — सुशील सेठी एवं नीतीश कुमार गुप्ता — का भी इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के लिए चयन हुआ है। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अलका मेश्राम के कुशल मार्गदर्शन में प्राप्त यह उपलब्धि महाविद्यालय परिवार के लिए अत्यंत गौरव एवं हर्ष का विषय है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कार्यक्रम के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिभागियों का होस्ट संस्थान आईआईटी गुवाहाटी, असम निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की अवधि 15 मार्च 2026 से 28 मार्च 2026 तक तय की गई है। इस दौरान प्रतिभागी पूर्वोत्तर भारत की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, भाषाई विविधता तथा शैक्षणिक वातावरण का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करेंगे।
अष्टलक्ष्मी दर्शन पहल का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ एवं आपसी सद्भाव को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के आठ राज्यों की विशिष्ट पहचान, सांस्कृतिक विरासत और शैक्षणिक संभावनाओं से देश के अन्य हिस्सों के विद्यार्थियों को परिचित कराने के लिए आयोजित किया जाता है।
शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस पहल से छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को पूर्वोत्तर भारत को निकट से जानने, समझने और राष्ट्रीय समरसता को मजबूत करने का अवसर मिलेगा। महाविद्यालय परिवार ने चयनित सहायक प्राध्यापक एवं दोनों छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल एवं उज्ज्वल सहभागिता की कामना की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?