
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस में हलचल मचाने वाला मामला सामने आया है, जहां बिलासपुर जिले के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और वर्तमान गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के एएसपी राजेंद्र जायसवाल पर स्पा संचालकों से अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने इस विवाद को और तूल दे दिया है, जिसके बाद प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने एएसपी को सस्पेंड करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
स्पा संचालक ने छिपाकर बनाया वीडियो
पिछले दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एएसपी राजेंद्र जायसवाल पर स्पा संचालन के बदले पैसे वसूलने का आरोप लगाया गया है। यह वीडियो स्पा संचालक ने खुद अपने डिवाइस से गोपनीय तरीके से रिकॉर्ड किया था। संचालक का दावा है कि एएसपी उनसे नियमित रूप से पैसे मांगते थे और पैसे न देने पर उन्हें अपने दफ्तर बुलाया गया। इसी दौरान वीडियो बनाया गया।

स्पा संचालक ने स्पष्ट कहा है कि उनके स्पा में कोई अवैध गतिविधि नहीं चलती और न ही ऐसी किसी गतिविधि की इजाजत दी जाती है। ऐसे में वे पैसे क्यों दें? उन्होंने इस मामले में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) को लिखित शिकायत दर्ज की है और संबंधित ऑडियो-वीडियो सबूत भी पेश किए हैं।
गृहमंत्री का सख्त रुख
इस पूरे विवाद पर प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने गंभीर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा है कि एएसपी राजेंद्र जायसवाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाएगा। मंत्री के निर्देश पर बिलासपुर रेंज के आईजी ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सौंपी गई है। एसएसपी को वायरल वीडियो, ऑडियो क्लिप्स और शिकायत के तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर सात दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
क्या है पूरा मामला?
एएसपी राजेंद्र जायसवाल बिलासपुर में पहले अतिरिक्त एसपी थे और अब गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में तैनात हैं। स्पा संचालक का आरोप है कि पुलिस अधिकारी स्पा चलाने के एवज में नियमित वसूली करते थे। पैसे न देने पर दबाव बनाया जाता था। यह मामला छत्तीसगढ़ पुलिस की छवि पर सवाल उठा रहा है और विभागीय स्तर पर सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
