सचिवों के व्यवहार से नाराज सरपंचों का जनपद घेराव, कार्रवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी

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धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में पंचायत सचिवों के व्यवहार से नाराज 102 गांवों के सरपंचों ने जनपद पंचायत कार्यालय का घेराव कर कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त किया गया।

 

धमतरी 7 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र नगरी में पंचायत सचिवों के कथित अभद्र व्यवहार के खिलाफ सरपंचों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। 102 गांवों के सरपंचों ने एकजुट होकर जनपद पंचायत नगरी कार्यालय का घेराव किया और दोषी सचिवों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई।

बाइक रैली के साथ पहुंचा सरपंचों का हुजूम

प्रदर्शन की शुरुआत सिहावा रोड स्थित सर्व आदिवासी समाज भवन से हुई, जहां से सरपंच संघ नगरी के नेतृत्व में सैकड़ों सरपंच बाइक रैली के रूप में निकले। “सरपंच एकता जिंदाबाद” और “अभद्र व्यवहार नहीं सहेंगे” जैसे नारों के साथ वे जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे। यहां पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें मुख्य गेट पर ही रोक दिया।इसके बाद आक्रोशित सरपंच मुख्य गेट पर ही धरने पर बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में महिला सरपंचों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली।

इन पंचायतों के सचिवों पर गंभीर आरोप

सरपंचों ने ग्राम पंचायत सेमरा, आमगांव और भीतररास में पदस्थ सचिवों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि—

  • महिला सरपंचों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है
  • सरपंचों की बातों को नजरअंदाज किया जाता है
  • समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते
  • पंचायत कार्यों में सहयोग नहीं करते

इसके अलावा, अन्य ब्लॉकों से आए सचिवों द्वारा आदिवासी सरपंचों के साथ मनमानी करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पहले भी दी गई थी चेतावनी

सरपंच संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, इस मामले को लेकर पहले भी कई बार शिकायत की गई थी। यहां तक कि पांच दिन का अल्टीमेटम भी दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद सचिवों का स्थानांतरण नहीं किया गया। इसी से नाराज होकर सरपंचों को सड़क पर उतरना पड़ा।

ज्ञापन सौंपकर की कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ ने नायब तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें दोषी सचिवों को तत्काल अन्य ब्लॉक में स्थानांतरित करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

दो दिन में कार्रवाई का आश्वासन

सरपंच संघ के अध्यक्ष उमेश देव ने बताया कि महिला सरपंचों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले भी लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब जिला सीईओ द्वारा दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।वहीं, महासचिव नरेश कुमार मांझी ने कहा कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होती है, तो सरपंच उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को मजबूर होंगे।

प्रशासन ने दी सफाई

मामले में जनपद पंचायत नगरी के सीईओ रोहित बोरझा ने बताया कि एक सचिव को पहले ही हटाया जा चुका है और बाकी दो सचिवों के स्थानांतरण के लिए जिला सीईओ को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।

आंदोलन फिलहाल स्थगित, आगे की रणनीति पर नजर

अधिकारियों के आश्वासन के बाद सरपंचों ने फिलहाल अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।इस पूरे घटनाक्रम ने पंचायत स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर कर दिया है। अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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