
बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में नशे की हालत में नाराज एक दामाद ने 60 फीट ऊंची पानी टंकी पर चढ़कर जमकर हंगामा किया। रेस्क्यू टीम को देख युवक टंकी के भीतर पानी में उतर गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए। करीब साढ़े चार घंटे चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और नगर सेना की टीम ने उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया। मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम सुवरबोड़ का है।
सुबह 8 बजे टंकी पर चढ़ा युवक
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 8 बजे ससुराल में रह रहा 40 वर्षीय पूना राम मंडावी अचानक गांव में जल जीवन मिशन के तहत बनी नई पानी टंकी पर चढ़ गया। टंकी की ऊंचाई करीब 60 फीट बताई जा रही है। युवक ऊपर से चिल्लाने लगा, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
झाड़-फूंक की बात से था नाराज
परिजनों के मुताबिक पूना राम पिछले एक सप्ताह से बीमार था और उसे झाड़-फूंक के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी बात से नाराज होकर उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया।
समझाइश नाकाम, पुलिस को दी सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और गांव के प्रमुखों ने उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह किसी की बात नहीं मान रहा था। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने बालोद पुलिस को सूचना दी। इसके बाद नगर सेना की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंची।
रेस्क्यू टीम को देख टंकी के अंदर उतरा
रेस्क्यू टीम के पहुंचते ही युवक ने पानी टंकी का ढक्कन खोल दिया और अंदर पानी में उतर गया। इससे रेस्क्यू अभियान और जोखिम भरा हो गया। हालात को देखते हुए पंचायत ने तुरंत टंकी का वाल्व खोलकर पानी बाहर निकाला।
तंबाकू का लालच देकर नीचे उतारा
प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीण परबल सिंह लाडिया ने बताया कि युवक की हालत को देखते हुए जबरन नीचे उतारना खतरे से खाली नहीं था। दोपहर के समय बातचीत के दौरान उसे तंबाकू का लालच दिया गया। इस पर वह नीचे उतरने के लिए राजी हुआ और सुरक्षित नीचे आ गया।
अस्पताल पहुंचते ही बिगड़े हालात
युवक को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल बालोद लाया गया। दोपहर करीब 2 बजे अस्पताल पहुंचने पर उसकी स्थिति बिगड़ गई और माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। डॉक्टरों ने उसे बेहोश कर इलाज शुरू किया।
पहले भी कर चुका है ऐसा व्यवहार
पूना राम के पिता पोखन लाल ने बताया कि करीब चार साल पहले भी वह इसी तरह का असामान्य व्यवहार कर चुका है, तब उसका इलाज कराया गया था। उसकी शादी करीब पांच साल पहले हुई थी और वह शादी के बाद से ससुराल ग्राम सुवरबोड़ में रह रहा था। उसके तीन छोटे बच्चे हैं।
मेंटल हॉस्पिटल रेफर करने की सलाह
बालोद थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने परिजनों को आगे के इलाज के लिए बिलासपुर स्थित मेंटल हॉस्पिटल ले जाने की सलाह दी है। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई अप्रिय स्थिति नहीं बनी और सभी के सहयोग से मामला शांतिपूर्वक सुलझा लिया गया।
