बिलासपुर | 02 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित जग्गी हत्याकांड में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उन्हें मामले में सरेंडर करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
गुरुवार को हुई सुनवाई में चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया। सुनवाई शुरू होने के कुछ ही समय बाद कोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश जारी किया।
CBI रिपोर्ट में लगे आरोप
इस मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने करीब 11,000 पन्नों की जांच रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें अमित जोगी के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि, इससे पहले कोर्ट द्वारा उन्हें इस केस में बरी किया जा चुका था, लेकिन अब मामले को फिर से खोला गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस केस को दोबारा छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा गया।
गौरतलब है कि इससे पहले दोषियों की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2003 का है, जब एनसीपी नेता राम अवतार जग्गी की रायपुर में सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
साल 2007 में इस केस में 28 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
राजनीतिक असर भी संभव
अमित जोगी को सरेंडर का आदेश मिलने के बाद राज्य की राजनीति में भी हलचल तेज होने की संभावना है। वहीं, इस फैसले को लेकर अब आगे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी जा सकती है।

