
दुर्ग। भारतीय विद्यार्थियों की बुध्दिमता का अमेरिका में विशेष महत्व है। यही कारण है, कि भारतीय विद्यार्थी विभिन्न अमेरिकी प्रतिष्ठानों में उच्च पदों पर पदस्थ है। भारतीय विद्यार्थियों को प्रत्येक विषय को गहराई से समझने का प्रयास करना चाहिए। ये उद्गार हावर्ड विश्वविद्यालय, अमेरिका में अध्ययनरत् स्कॉलर शिवांगी श्रीवास्तव ने आज शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग के भूगर्भशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित आमंत्रित व्याख्यान में व्यक्त किये। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से स्नातक डिग्री प्राप्त शिवांगी ने भूगर्भशास्त्र के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों के साथ लंबा विचार-विमर्श किया। उन्होंने भारत के प्रजातंत्र एवं अमेरिकी शासन पध्दति की तुलना करते हुए विद्यार्थियों को रोचक जानकारी दी। भारतीय परंपरा एवं संस्कृति को अद्भुत बताते हुए शिवांगी ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास संबंधी टिप्स भी दिखें।

इससे पूर्व शिवांगी का पौधा भेंटकर एमएससी भूगर्भशास्त्र की छात्रा फाल्गुनी साहू ने स्वागत किया। भूगर्भशास्त्र विभाग की ओर से विभागाध्यक्ष डॉ. एस.डी. देशमुख एवं प्रोफेसर डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव ने शिवांगी को शॉल एवं पुस्तक स्मृति चिन्ह के रूप में भेंट किया। इस अवसर पर उपस्थिति शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, रायपुर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक प्रोफेसर प्रदीप ठाकुर ने शिवांगी के आकर्षक व्यक्तित्व एवं गहन ज्ञान की सराहना करते हुए उससे शिव पुराण पर विस्तृत चर्चा की। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के भूविज्ञान अध्ययन शाला के प्रमुख डॉ. के. आर. हरि ने इस अवसर पर कहा किइस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थियों के साथ विचार-विमर्श से भारतीय विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिलता है। भूगर्भशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. एस.डी. देशमुख ने विभिन्न प्रश्न पूछकर शिवांगी द्वारा दी गयी जानकारी के संबंध में भारतीय विद्यार्थियों को अवगत कराया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन भूगर्भशास्त्र की स्नातकोत्तर छात्रा फाल्गुनी साहू ने किया।

