छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से महंगी होगी शराब, बदलेगा टैक्स स्ट्रक्चर; अब प्लास्टिक बोतलों में होगी बिक्री

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रायपुर।
छत्तीसगढ़ में शराब पीने वालों को 1 अप्रैल 2026 से ज्यादा कीमत चुकानी पड़ेगी। राज्य सरकार ने शराब पर संशोधित आबकारी ड्यूटी की अधिसूचना जारी कर दी है, जिसे 30 जनवरी 2026 को राजपत्र में प्रकाशित किया गया। नई दरें आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 से प्रभावी होंगी।
नई व्यवस्था के तहत देसी और विदेशी शराब के साथ-साथ बीयर और रेडी-टू-ड्रिंक (RTD) पेय पदार्थों के दाम बढ़ जाएंगे। खास बात यह है कि अब विदेशी शराब पर टैक्स रिटेल सेल प्राइस (RSP) के आधार पर तय किया जाएगा। यानी जितनी महंगी ब्रांड होगी, उस पर उतना ही अधिक आबकारी शुल्क लगेगा। इससे प्रीमियम और हाई-एंड ब्रांड्स और ज्यादा महंगे हो जाएंगे।
सरकार ने देसी शराब और बीयर पर भी आबकारी शुल्क में बढ़ोतरी की है, जिसका सीधा असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

कांच की जगह प्लास्टिक बोतल में मिलेगी शराब
नई आबकारी नीति के तहत एक अहम बदलाव यह भी किया गया है कि अब सरकारी शराब दुकानों में शराब कांच की बोतलों की बजाय प्लास्टिक बोतलों में बेची जाएगी। सरकार का तर्क है कि इससे परिवहन में आसानी होगी और लॉजिस्टिक लागत घटेगी, हालांकि उपभोक्ताओं को कीमत में किसी तरह की राहत मिलने के संकेत नहीं हैं।

प्रूफ लीटर क्या है?
प्रूफ लीटर शराब में मौजूद शुद्ध अल्कोहल की मात्रा को दर्शाने की इकाई है।
उदाहरण के तौर पर, यदि 1 लीटर शराब में 50 प्रतिशत अल्कोहल है, तो उसमें 0.5 प्रूफ लीटर अल्कोहल माना जाएगा। इसी तरह 42.8 प्रतिशत अल्कोहल वाली शराब में लगभग 0.43 प्रूफ लीटर अल्कोहल होता है।
नई आबकारी दरों के लागू होने के बाद राज्य में शराब के दामों में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है।

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