
नौ माह की गर्भवती अवस्था में हुई थी गिरफ्तारी, जिला अस्पताल में सुरक्षित प्रसव
दुर्ग। जब्त सोने के जेवरात के गबन मामले में गिरफ्तार की गई महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को लेकर मामला अब मानवीय और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टिकोण से चर्चा में है। गिरफ्तारी के समय वह नौ माह की गर्भवती थीं। न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे जाने के बाद जेल प्रशासन द्वारा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। इसी दौरान मंगलवार को जिला अस्पताल में उन्होंने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।

चोरी के मामले की जांच के दौरान सामने आया गबन
मामला दुर्ग के मोहन नगर थाना क्षेत्र का है। भिलाई नगर सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी ने बताया कि 4 जुलाई 2020 को सिंधिया नगर निवासी सोनल द्विवेदी के घर चोरी हुई थी। अज्ञात चोर 79 ग्राम सोने के जेवरात और 32 हजार रुपये नकद ले गया था। शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी पीतांबर राव को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा सोना बरामद कर लिया।
इस प्रकरण की विवेचना उस समय मोहन नगर थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को सौंपी गई थी। 30 जून 2023 को उन्होंने आरोपी को गिरफ्तार कर जेवरात जब्त किए, लेकिन नियमानुसार न तो जब्त सामान थाने में जमा किया गया और न ही शिकायतकर्ता को वापस लौटाया गया।
वरिष्ठ अधिकारियों को किया गुमराह
आरोप है कि मोनिका गुप्ता ने जब्त सोना अपने पास ही रख लिया और वरिष्ठ अधिकारियों को यह जानकारी देती रहीं कि जेवरात आरक्षी केंद्र की आलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं। शिकायतकर्ता द्वारा बार-बार मांग किए जाने के बावजूद जेवरात वापस नहीं किए गए।
विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि संबंधित जेवरात कभी भी आरक्षी केंद्र में जमा नहीं किए गए थे। आरोप प्रमाणित होने पर 4 मार्च 2025 को मोहन नगर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद से वह फरार थीं।
गिरफ्तारी के बाद जेल भेजा गया
करीब एक वर्ष फरार रहने के बाद 2 फरवरी 2026 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। गंभीर आरोपों को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी ने महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया था।
